मैनपुरी। रेलवे का सफर करें तो पता चलता है कि यात्रा करने का किराया तो बढ़ा है लेकिन सुविधाएं पहले से भी कम हो गई हैं। स्टेशन पर यात्रियों को न तो बैठने की पर्याप्त जगह है और न ही पीने का पानी। स्टैंड पोस्ट की टोंटी भी खराब हैं। यदि कोई यात्री अस्वस्थ हो जाए तो प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी नहीं है। अस्पताल में वर्षों से डाक्टर और स्टाफ की तैनाती ही नहीं है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नजर नहीं आती है। यात्री अजय कुमार का कहना था कि रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है। स्टैंड पोस्ट के नलों में टोंटी टूटी हुई हैं। इससे पानी की बर्बादी हो रही है। कभी-कभी यात्रियों को पीने का पानी भी नहीं मिल पाता है। कैंटीन की हालत भी कुछ ठीक नहीं है।
शिकोहाबाद निवासी संजीव कुमार का कहना था कि वह अपनी रिश्तेदारी में आया था। शनिवार को वापस जा रहा था अचानक पेट में दर्द होने लगा। अस्पताल पहुंचा तो वहां बताया गया कि वर्षों से किसी की तैनाती न होने से अस्पताल ही बंद हो गया है। मजबूरन प्राइवेट चिकित्सक से इलाज लेकर वापस जा रहा है। अधिकारियों को रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
स्टेशन पर बने अस्पताल की बात करें तो वहां रेलवे कर्मचारियों ने डाक्टर और स्टाफ की तैनाती न होने पर अब कबाड़ भरना शुरू कर दिया है। कुछ ने तो अनाधिकृत रूप से इस अस्पताल में ही रहना शुरू कर दिया है। रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था भी स्टेशन पर नहीं है। ऐसे में बाहर से आने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्टेशन पर फर्रुखाबाद जाने के लिए खड़ी सीमा देवी का कहना था किराए में पांच रुपये की बढ़ोत्तरी तो कर दी है लेकिन सुविधाएं पहले से भी कम हैं। फर्रुखाबाद का किराया अब 15 रुपये कर दिया गया है।
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मैनपुरी से प्रमुख स्टेशनों का किराया
स्टेशन का नाम पहले अब
दिल्ली 71 85
टूंडला 14 20
फीरोजाबाद 11 15
पखना 05 10
फर्रुखाबाद 10 15
कानपुर 28 35
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स्टेशन पर सुविधाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है। मैनपुरी में किसी भी चिकित्सक के न आने के चलते अस्पताल बंद कर दिया गया है। इसे पुन: शुरू कराने के लिए और अन्य बेहतर सुविधाओं के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
- एसके सिंह, स्टेशन अधीक्षक