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तीन माह में हुए 16 विद्युत हादसे, चार लोगों की गई जान, चेतावनी के बाद भी घटनाएं बढ़ा रहीं चिंतालापरवाही : 27 महीनों में करंट से 37 लोगों की गई जान

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मैनपुरी। विद्युत करंट से होने वाली दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले 27 महीनों में जिले में करंट लगने से 37 लोगों की मौत हो चुकी है।
जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 39 पशुओं की भी करंट की चपेट में आने से मौत हुई और कई अग्निकांड की घटनाएं भी सामने आई हैं। अधिकांश मामलों में विद्युत लाइनों के संपर्क में आने और असावधानी को हादसों की प्रमुख वजह माना गया है।
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विद्युत सुरक्षा निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में जिले में करंट से जुड़ी 42 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 21 लोगों की मौत हुई जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
इस दौरान 16 पशुओं की भी मौत हुई और तीन स्थानों पर विद्युत शॉर्ट सर्किट या करंट के कारण आग लगने की घटनाएं हुईं। वहीं वर्ष 2025-26 में भी हादसों का सिलसिला जारी रहा।
इस अवधि में 44 विद्युत दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, इनमें 12 लोगों की जान चली गई और सात लोग घायल हुए। इसके अलावा 20 पशुओं की मौत हुई और पांच अग्निकांड दर्ज किए गए।वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती तीन महीनों में ही 16 विद्युत दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
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इनमें चार लोगों की मौत, पांच लोग घायल, तीन पशुओं की मौत और चार अग्निकांड की घटनाएं सामने आई हैं। विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक शिव सागर मल्ल ने बताया कि विभाग की जांच में अधिकांश हादसों के पीछे लापरवाही सामने आती है। करंट से हादसों के आंकड़े गंभीर चिंता पैदा कर रहे हैं।
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