यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हो रही हैं। इसके लिए परीक्षा केंद्र बनाने में जिला स्तरीय अधिकारियों ने जमकर मनमानी की है। इसका परिणाम विद्यार्थियों को भुगतना होगा। आलम यह है कि मानक विरुद्ध तरीके से 20-25 किमी दूर बना दिए गए हैं। जबकि नियमानुसार 10-12 किमी दूरी पर केंद्र बनाए जाने चाहिए। वहीं इस संबंध में डीआईओएस का कहना है कि सभी केंद्र नियमानुसार बनाए गए हैं। यदि किसी को परेशानी थी तो समय से क्यों नहीं बताया।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू हो रही हैं। इसके चलते विभागीय अधिकारी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण में विभागीय कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक ने जमकर मनमानी की है। इसमें जमकर मानकों की अनदेखी की गई है। इस संबंध कालेज संचालकों का कहना है कि मानक के अनुसार हाईस्कूल छात्राओं का केंद्र पांच किमी दूरी से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं छात्रों को आठ किमी से अधिक दूरी पर केंद्र नहीं बनाना चाहिए। इसके बाद भी छात्र-छात्राओं के केंद्र 20-25 किमी दूरी पर बना दिए गए हैं। कालेज संचालकों का कहना है कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं स्कूल संचालकों का आरोप है कि मानक विरुद्ध केंद्र बनाने में कार्यालय के एक बाबू की मनमानी की है। उनके चलते ही यह समस्या पैदा हुई है। कालेज संचालकों ने इस संबंध में डीएम और एडी बेसिक से भी मामले की शिकायत की है।
केस- एक
महात्मा बुद्ध उमावि कुरसंडा के प्रबंधक रामदुलारी का कहना है कि उनके यहां के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र एचसीएल उमावि शिवालय बरा बेवर में बनाया गया हैं। यह केंद्र उनके स्कूल से लगभग 28-30 किमी दूरी पर है।
केस-दो
आदर्श कृष्णा उमावि शाहपुर बलारपुर सुल्तानगंज के प्रबंधक योगेेंद्र सिंह यादव का कहना है कि उनके छात्राओं का सेंटर भक्त वत्सल्य कालेज बिछवां में बना दिया है। यह 15 किलीमीटर दूरी है। वहीं छात्रों का सेंटर 30 किमी दूरी पर बना दिया है।
केस-तीन
विद्यादेवी उमावि इमायदपुर के बच्चों का परीक्षा केंद्र नेशनल इंटर कालेज भोगांव में बनाया गया है। यह स्कूल लगभग 25 किमी दूरी पर है।
यह हैं मानक
मानक के अनुसार हाईस्कूल की छात्राओं का परीक्षा केंद्र पांच किमी और छात्रों का आठ किमी से अधिक दूरी पर नहीं होना चाहिए। वहीं इंटर की छात्राआें का आठ और छात्रों का 12 किमी दूरी पर होना चाहिए।
नियमानुसर छात्र-छात्राओं के सेंटर बनाए गए हैं। यदि ऐसा है तो पूर्व में कालेज संचालकों को आपत्ति लगानी चाहिए थी। सेंटर बनाने में कोई घालमेल नहीं हुआ है।
- आरपी यादव, डीआईओएस