वह तीसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में चला गया। दोपहर के समय जब एक शिक्षक कमरे की ओर गए तो देखा कि छात्र फंदे पर लटका हुआ है तो अफरा तफरी मच गई। आनन फानन छात्र को फंदे से उतारने के बाद जिला अस्पताल लेकर आया गया। वहां चिकित्सकों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
छात्र की मौत की खबर सुनते ही शिक्षकों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। जिला अस्पताल में काफी देर तक छात्र का शव स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा। इस दौरान स्कूल संचालक भी वहां पर नहीं पहुंचे। वहीं पुलिस को भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। छात्र की मौत की खबर परिजन को मिली तो कोहराम मच गया।
छात्र की खुदकुशी को लेकर उठे सवाल
किरण सौजिया के छात्र ने आखिर हॉस्टल में आने के बाद ही खुदकुशी क्यों कि इसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। हॉस्टल में इस तरह की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भोगांव के नवोदय में एक छात्रा की संदिग्ध मौत का राज आज तक नहीं खुल सका है। एसआईटी दो इस मामले में जांच कर रही है। प्रधानाचार्या मामले में जेल भी जा चुकी हैं।
किरण सौजिया के 15 वर्षीय छात्र शिवम को अगर कोई परेशानी थी या कोई और वजह थी तो वह घर पर भी खुदकुशी कर सकता था। उसके साथ हॉस्टल आने के कुछ घंटों में ही ऐसा क्या हुआ जो उसने जान दे दी। इन सवालों के जबाव मिलना भी जरूरी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस को मामले की जानकारी नहीं दी गई थी।