कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013
के तहत पात्र लाभार्थियाें के चयन के लिए टीमाें का गठन किया गया है। गठित
टीमाें को प्रशिक्षण देकर उन्हें समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए
हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने कहा कि आबादी के
64 फीसदी लोगाें को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ते दामों पर
खाद्यान्न सामग्री दी जानी है। ऐसे लोगाें के चयन के लिए अलग-अलग टीमों का
गठन किया गया है।
टीमों में रोजगार सेवक, ग्राम पंचायत विकास
अधिकारी और टीचराें को लगाया गया है। जो घर-घर जाकर ग्रामीण और शहरी
क्षेत्र के लोगाें का चयन करेंगे।
बताया कि अनाथ, कचरा ढोने वाले,
भिक्षावृत्ति से जुड़े, घरेलू कामकाज, जूते चप्पल की मरम्मत कार्य से
जुड़े, फेरी लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चालक, गरीबी रेखा के नीचे जीवन
यापन करने वाले, ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला या विकलांग हैं
और परिवार में कोई अन्य बालिग पुरुष नहीं है, आवासहीन परिवार, ऐसे परिवार
जिनकी छत पक्की न हो, ऐसे लोगों को बीपीएल कार्ड और अंत्योदय कार्ड का
लाभार्थी माना जाएगा।
इसकी जांच पड़ताल के लिए टीमाें को लगा दिया
गया है। जो समय से प्रत्येक मोहल्ले और गांव में जाकर सूची तैयार करके जिला
पूर्ति कार्यालय को सौंपेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने
बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम से गरीब वर्ग के लोगाें को बड़ी राहत
मिलेगी। शासन द्वारा जो क्राइटेरिया बनाया गया है, उसके तहत करीब 64 फीसदी
लोगों को चिह्नित किया जाना है। बीपीएल श्रेणी में आने वाले लोगाें को
सस्ते दाम पर केरोसिन, अनाज, चावल, शक्कर व अन्य सामग्री मिलेगी।