महोबा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के शिलान्यास के बाद लोकार्पण करने की योगी सरकार की हसरत पूरी नहीं हो पाई। अधिकारियों के लाख प्रयास के बाद एक्सप्रेसवे की एक साइड का काम भी शत प्रतिशत पूरा नहीं हो पाया। अब आचार संहिता के साथ चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। निर्माण भले ही कुछ महीनों में पूरा हो जाए लेकिन लोकार्पण प्रदेश में बनने वाली अगली सरकार ही करेगी।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का शिलान्यास प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार में हुआ। सरकार इसका लोकार्पण भी अपने ही कार्यकाल में कराना चाहती थी। इसके लिए पूरा जोर लगाया गया। 29 नवंबर को एक्सप्रेसवे निर्माण की हकीकत परखने के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अवनीश कुमार अवस्थी हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे। आठ दिसंबर को प्रोजेक्ट मानीटरिंग ग्रुप की बैठक में उन्होंने कहा था कि एक्सप्रेसवे का निर्माण निर्धारित टाइम लाइन के अनुसार किया जा रहा है। 31 दिसंबर तक एक्सप्रेसवे की एक साइड और 30 अप्रैल 2022 तक दोनों साइड यातायात के लिए खोल दी जाएंगी। दरअसल 31 दिसंबर तक एक साइड चालू करके सरकार एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करना चाहती थी लेकिन एक साइड में भी काम पूरा नहीं हो पाया।
इन जिलों से गुजरेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप के पास से बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जोड़ा जा रहा है। इससे बुंदेलखंड से दिल्ली तक आने-जाने में समय की बचत होगी।