जिला सेवायोजन कार्यालय में खरीफ गोष्ठी और किसान मेले का आयोजन किया गया। किसान मेले में भारी संख्या में किसानों की भीड़ जुटी। इस मौके पर आयोजित खरीफ गोष्ठी में अफसरों ने किसानों को नई तकनीकी से खेती करने के गुर सिखाए।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने कहा कि इस साल बारिश समय पर शुरू हो गई है। इसलिए किसान खरीफ की फसल में तिल की बुवाई ज्यादा करें, इस फसल को अन्ना जानवर भी नहीं खाते हैं। इसलिए तिल की फसल अच्छा उत्पादन देगी। उन्होंने कहा कि किसान कम पानी वाली फसलों का ज्यादा उत्पादन करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में अन्ना जानवरों की रोकथाम करने के लिए ग्राम प्रधानों के सहयोग से गांव- गांव में ग्राम समाज की भूमि पर पशुबाड़े बनवाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि ओलावृष्टि की 125 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों को बांट दी गई है। इस मौके पर उप कृषि निर्देशक आरपी चौधरी ने कहा कि किसान कृषि विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उन्हें सब्सिडी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड किसानों को अनुदान का लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं का किसान लाभ उठाएं। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के डा. सुशील कुमार ने बताया कि पूरे देश में 650 कृषि किसान केंद्र हैं, इन केंद्रों के द्वारा किसानों को बीजों की व्यवस्था के अलावा कृषि की जानकारी दी जाती है। इस मौके पर सहायक आयुक्त सहकारिता कामेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी अनीस कुमार श्रीवास्तव सहित तमाम वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
जिला सेवायोजन कार्यालय में आयोजित किसान मेले में पशुपालन विभाग, ग्रामोन्नति संस्थान, पान अनुसंधान केंद्र, कृषि विभाग, जिला उद्यान विभाग के अलावा कृषि से संबन्धित तमाम प्राइवेट दुकानदारों ने भी स्टाल लगाए। जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने किसान मेला में लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर स्टाल संचालकों को जानकारियां भी दी। इस मौके पर डीएम के साथ मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, जिला उद्यान अधिकारी, उपनिदेशक कृषि सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।