फोटो 28 एमएएचपी 06 परिचय-घटनास्थल पर जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाती पुलिस-फोरेंसिक टीम। संवाद
पनवाड़ी (महोबा)। थाना पनवाड़ी के किल्हौआ गांव में रविवार की रात ग्रामीण ने तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह बेटे व पत्नी की मौत के बाद से अवसाद में रहता था और शराब का आदी हो गया था। सूचना पर पुलिस व फाॅरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से तमंचा भी बरामद हुआ है। मृतक पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश की कर चुका था।
किल्हौआ निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जन राजपूत (55) गांव की बरातशाला के सामने ही गुमटी में परचून की दुकान किए था। बड़ा बेटा अनिल दिल्ली में परिवार समेत रहकर मेहनत-मजदूरी करता है। छोटे अविवाहित बेटे जीतू ने पांच साल पहले फंदा लगाकर जान दे दी थी। चार साल पहले पत्नी संतोषी का बीमारी के चलते निधन हो गया था। बेटे और पत्नी की मौत के बाद से घर पर अकेला होने की वजह से राजेंद्र परेशान रहता था। अक्सर वह बरातशाला में ही लेट जाता था।
अवसाद में आकर उसने दो बार पहले जहर व फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी लेकिन तब वह बच गया था। देर रात उसने बरातशाला में खुद सीने में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब ग्रामीण वहां से निकले तो राजेंद्र सिंह का खून से लथपथ शव पड़ देखा।
सूचना मिलने पर पनवाड़ी थाना पुलिस और फाॅरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मृतक के बड़े भाई घनश्याम ने बताया कि पत्नी व बेटे की मौत के बाद से भाई अवसाद में रहता था और शराब पीने लगा था। अपर एसपी वंदना सिंह का कहना है कि सूचना पर पुलिस व फील्ड यूनिट ने जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि मृतक के बेटे और पत्नी का पूर्व में निधन हो चुका है। इस कारण वह अवसाद में रहता था। पूर्व में भी वह आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फोटो 28 एमएएचपी 06 परिचय-घटनास्थल पर जानकारी लेकर साक्ष्य जुटाती पुलिस-फोरेंसिक टीम। संवाद