सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद गंभीर हालत में रेफर की गई महिला की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। मृतका के पति ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कराया।
गौरहारी निवासी कमलेश की पत्नी पूजा (22) को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी लाया गया। सुबह आठ बजे 108 नंबर एंबुलेंस से आशा बहू गीता के साथ अस्पताल में भर्ती हुई थी। 12.44 बजे प्रसव होने के बाद जन्मी बच्ची की हालत बिगड़ गई। उसे महोबा के लिए रेफर कर दिया गया। आधा घंटे बाद प्रसूता महिला की भी हालत बिगड़ गई। डाक्टर ने 1.22 बजे उसे महोबा के लिए रेफर कर दिया।
एंबुलेंस की अस्पताल में व्यवस्था न होने की वजह से आधा घंटे तक परिजन परेशान रहे। काफी देर बाद वे प्राइवेट वाहन से महिला को लेकर महोबा के लिए रवाना हुऐ, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजन वापस अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि सीएचसी की चिकत्सक ने देर में रेफर किया। अस्पताल में समय से एंबुलेंस भी नहीं मिली। इसी वजह से प्रसूता की मौत हुई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कराया। शव पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मामले में डा. एकता बरसैइया का कहना है कि डिलेवरी नार्मल हुई थी। खून की कमी के चलते रेफर किया गया था।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. विनोद ने भी महिला चिकित्सक की दोहराते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बीच इलाज संभव नही था। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था।