कुलपहाड़ (महोबा)। फल का ठेला लगाने वाले मुन्ना अनुरागी का बेटी रोशनी को नर्स बनाने का सपना अधूरा रह गया। आर्थिक संकट होने के बाद भी उसने छोटी बेटी को झांसी नर्सिंग करने के लिए भेजा, लेकिन वहां बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से उसके अरमान पूरे नहीं हो सके। बुधवार को शव घर आने पर कोहराम मच गया।
मोहल्ला टोरियापुरा निवासी मुन्ना अनुरागी के दो पुत्र अरविंद और मनोज व तीन पुत्रियां थीं। दो बड़ी पुत्रियों की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी पुत्री रोशनी झांसी में जीएनएम की ट्रेनिंग कर रही थी। झांसी के एक न्यूरो सर्जन के नर्सिंग होम में बतौर नर्स काम कर रही थी। सोमवार को रोशनी की छात्रावास के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार को मृतका के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुन्ना ने बताया कि उसके दोनों पुत्र अधिक नहीं पढ़ सके। वह फलों के काम में ही सहयोग करते हैं। उसका सपना था कि छोटी बेटी रोशनी पढ़कर नर्स बने। उसने एक-एक रुपये की बचत कर पढ़ाया लेकिन उसके सपने पूरे नहीं हो सके। मृतका के भाई मनोज ने जनपद झांसी के रक्सा थाने में तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि उसकी बहन को गलत इंजेक्शन लगाया गया। इससे उसकी मौत हुई है।