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Mahoba News: बच्चों की परेशानी को समझें, डांटने से पहले सोचें

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महोबा। बच्चों की आत्महत्या की दो घटनाओं ने परिवार और समाज को चिंता में डाल दिया है। मामूली बातों से आहत होकर बच्चों के जान देने की घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि उनकी भावनात्मक स्थिति को समझना कितना जरूरी है। जिला अस्पताल की नैदानिक मनोवैज्ञानिक ने अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने और उनसे खुलकर संवाद करने की सलाह दी है। मनोवैज्ञानिक का कहना है कि बच्चों की परेशानी को समझे और किसी गलती पर डांटने से पहले उनसे बातचीत करें।
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नौ अक्तूबर की रात शहर के शेखूनगर निवासी 16 वर्षीय छात्रा अंजलि ने पढ़ाई के दौरान भाई अनमोल के मोबाइल छीनने से आहत होकर फंदा लगा लिया था। वह घर पर दादा व भाई के साथ रहती थी। वहीं शनिवार रात थाना अजनर के स्यावन गांव निवासी कक्षा आठ के 12 वर्षीय छात्र मानवेंद्र राजपूत ने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी साइकिल पड़ोसी की खड़ी बाइक से टकरा गई थी जिससे बाइक का मडगार्ड टूट गया था। पिता श्याम सिंह को इसकी जानकारी होने पर डांट पड़ने के डर से उसने यह कदम उठा लिया था।

डांट के बजाय संवाद को दें प्राथमिकता
फोटो 19 एमएएचपी 03 परिचय-नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. अंकिता गुप्ता। संवाद
नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. अंकिता गुप्ता ने बताया कि बच्चों की भावनाओं को समझना व उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुनना जरूरी है। अभिभावक बच्चों को गलती पर अपमानित करने या दूसरों से तुलना करने के बजाय प्यार से समझाएं। यदि बच्चा अचानक चुप रहने लगे, चिड़चिड़ा हो जाए, अकेले रहने लगे या निराशा जाहिर करे तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे बदलाव लगातार दिखने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर मदद और संवेदनशील व्यवहार बच्चों को मुश्किल परिस्थितियों से उबरने में सहायक हो सकते हैं।
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मोबाइल से बचाने के लिए तय करें सीमाएं
फोटो 19 एमएएचपी 04 परिचय-मनोचिकित्सीय परामर्शदाता प्रेमदास। संवाद
मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमदास बताते हैं कि मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की पढ़ाई, नींद व पारिवारिक संवाद को प्रभावित कर सकता है। अभिभावक बच्चों के स्क्रीन टाइम की सीमा तय करें और उन्हें खेलकूद व दूसरी रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चों को यह भरोसा दें कि वे अपनी समस्या बिना डर के साझा कर सकते हैं। टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 पर भी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध है।
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