फोटो 15 एमएएचपी 11 परिचय-पुलिस गिरफ्त में फर्जी फसल बीमा कराने के आरोपी। स्रोत: पुलिस
महोबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में दो और आरोपियों का पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इन आरोपियों ने तालाब, पहाड़ और चकमार्ग की जमीनों पर फर्जी बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया। इस मामले में अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं लेकिन बीमा कंपनी का प्रबंधक अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
जिले में खरीफ सीजन 2024 में फसल बीमा के नाम पर करीब 40 करोड़ का घोटाला हुआ। घोटालेबाजों ने किसानों की जमीन का फर्जी तरीके से फसल बीमा करा लिया। इतना ही नहीं नदी, नाले, तालाब, पहाड़, बंजर भूमि, चकमार्ग, वन आदि की जमीनों में फसल की बोआई दिखाकर बीमा कराया। इसके बाद बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का फर्जी भुगतान भी दावा के रूप में प्राप्त कर लिया। कई लोगों के मिलीभगत करने से यह घोटाला करोड़ों रुपये का साबित हुआ। जब इस मामले की परतें खुलीं तो उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने 27 अगस्त को शहर कोतवाली ने बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत कई अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके अलावा जिले के पनवाड़ी, चरखारी, अजनर व कुलपहाड़ कोतवाली में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गईं। मामलों में 26 नामजद और कई अज्ञात लोगों को शामिल बताया गया। इस मामले में पुलिस 14 लोगों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज चुकी है।
शनिवार को थानाध्यक्ष पनवाड़ी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के फर्जीवाड़ा में शामिल लवकेश सिंह निवासी बुड़ेरा, पनवाड़ी और बृजेंद्र कुमार निवासी पलका, महोबा को राठ तिराहे से पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सरकारी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल पर कूटरचित दस्तावेज लगाकर बीमा कराया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।