मंडी शुल्क के विरोध में प्रदर्शन करते गल्ला व्यापारी व किसान
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महोबा। मंडी में किसानों की उपज की खरीद-फरोख्त पर लगाए गए 2.5 फीसदी मंडी शुल्क के विरोध में शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। जिला उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी कर विरोध जताया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंडी शुल्क वापस नहीं लिया गया तो गल्ला व्यापार मंडल शांत नहीं बैठेगा। सरकार को इसे खत्म करना चाहिए।
मंडल के जिला प्रभारी रवि साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने मंडी शुल्क पूर्णतया: खत्म कर व्यापारियों और किसानों को बढ़ी राहत दी थी। वहीं प्रदेश सरकार इसमें दोहरी नीति अपनाकर गल्ला व्यापारियों व छोटे-बड़े किसानों का आर्थिक शोषण कर रही है। कहा कि मंडी के अंदर जो दुकानें हैं, उनको प्रदेश सरकार के इस आदेश से खासा नुकसान होगा लेकिन मंडी के बाहर व्यापार करने पर कोई टैक्स लगेगा। गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र साहू ने कहा कि 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों के कारोबार पर विपरीत असर पड़ा है। लॉकडाउन के चलते पहले से गल्ला व्यापारी अब मंडी शुल्क लगने से दोहरी मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी मंडी समिति की दुकान किराए पर लेकर सरकार का राजस्व बढ़ा रहा है। उसी व्यापारी पर मंडी शुल्क लगा दिया गया, जबकि फुटपाथ पर या गल्ला मंडी के बाहर अस्थाई दुकान बनाकर गल्ले की खरीद करने वाले व्यापारियों पर कोई मंडी शुल्क नहीं लग रहा है। प्रदर्शन करने वालों में राजेंद्र नगायच, रज्जू शर्मा, राकेश, कृष्णकांत पुरवार, राजू शिवहरे, उमेश लाक्षाकार मौजूद रहे।