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Mahoba News: हादसा देख कांप उठी रूह, 14 फीट की बोलेरो छह फीट में सिमटी

Mon, 15 Dec 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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फोटो 14 एमएएचपी 12 परिचय-बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद इस तरह चिपक गई बोलेरो। संवाद
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महोबा। हमीरपुर में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर यात्री बस की टक्कर के बाद दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो की हालत जिसने भी देखी, उसकी रूह कांप उठी। करीब 14 फीट लंबी बोलेरो सिमटकर छह फीट की हो गई। बस की टक्कर के बाद फंसे लोगों को पुलिस ने गेट काटते हुए बाहर निकाला। इसमें पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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घटना में थाना खन्ना के ग्योड़ी के जमुनीपुरा डेरा निवासी महिला अनुसुईया (85) पत्नी छोटेलाल की बीमारी के चलते 11 दिसंबर को मौत हो गई थी। परिवार की बोलेरो कार से अनुसुइया की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने प्रयागराज जाते समय रविवार को हुए इस हादसे में छोटेलाल के बेटे घनश्याम (55), छोटे भाई रामसहोदर (40), घनश्याम के चाचा सिद्धगोपाल (65) व भतीजे सोनू (35) की मौत हो गई। घटना का मुख्य कारण कोहरा और रफ्तार माना जा रहा है। इस मौसम में पहली बार रविवार की सुबह कोहरा सड़कों पर देखने को मिला और इस कोहरे के कहर ने चार महिलाओं के मांग के सिंदूर उजाड़ दिए। घटना के बाद मृतक घनश्याम की पत्नी जयदेवी, बेटे अनिल का बुरा हाल है। एक ओर पति की मौत और दूसरी ओर दूसरे बेटे विमल के घायल अवस्था में अस्पताल में होने से वह परेशान है। दूसरे भाई रामसहोदर की मौत के बाद पत्नी शांति, बेटी किरन, लक्ष्मी व बेटे विनय की तबीयत बिगड़ गई। सिद्धगोपाल की मौत की खबर उसके बेटे सुनील और रणधीर को मिली तो वे अपनी मां देवरती को संभालते हुए रोते रहे। मृतक सोनू की पत्नी ममता तो बार-बार बेसुध होकर गिर रही थी। उसकी बेटियां प्रतीक्षा व दीक्षा बार-बार ढांढस बंधातीं और फिर भाई सौरभ से लिपटकर खुद ही रोने लगतीं। ये देखकर हर एक व्यक्ति के आंखों से आंसू निकल पड़े।

बाप के बाद लरकऊ मर गओ, अब को संभारहै घर
महोबा। जनपद हमीरपुर में हुए सड़क हादसे में घनश्याम के भतीजे सोनू (35 ) की मौत की खबर दोपहर में आई। इसके बाद दोबारा चीख-पुकार मच गई। चचेरे भाई भागीरथ ने बताया कि सोनू अपने पिता प्यारेलाल का इकलौता बेटा था। प्यारेलाल का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। सोनू खेती और मजदूरी करके घर चलाता था। उसकी मौत के बाद से पत्नी ममता, बेटी प्रतीक्षा, दीक्षा व बेटे सौरभ की हालत बेहद खराब है। इनकी चिंता करते हुए गांव के लोग कह रहे हैं कि बाप के बाद लरकऊ मर गओ, अब घर को संभारहै...।
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