महोबा। कोतवाली क्षेत्र के कालीपहाड़ी गांव में नौ साल पहले हुई हत्या का मंजर एक बार ताजा हो गया। मन में बदले की आग नौ साल तक सुलगती रही। हत्या के मामले में एक साल पहले जमानत पर जेल से छूटकर आए युवक की बेरहमी से हत्या की गई। 50 मीटर तक खून के दाग बेरहमी से हत्या की हकीकत बयां कर रहे थे।
कालीपहाड़ी निवासी जयपाल की वर्ष 2016 मेंं हत्या हुई थी। इस मामले में गांव के ही बृजेंद्र पर हत्या का आरोप लगा था और वह इस मामले में जेल गया। सजा होने के बाद उसे पिछले वर्ष हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। दूसरे पक्ष के लोगों को पहले से पता था कि बृजेंद्र शराब के एक मामले में महोबा न्यायालय तारीख पर आ रहा है। देर शाम उसे आरोपी अगवाकर गांव ले गए। देर रात उसकी धारदार हथियार और वजनी वस्तु से हत्या कर दी। घटनास्थल से काफी दूर तक उसे ले जाकर फेंका। खून के दाग बता रहे थे कि युवक की हत्या बेरहमी से की गई। नौ साल पहले एक पक्ष और सोमवार की रात दूसरे पक्ष के आरोपी की मौत से एक बार फिर गांव में नौ साल पहले हुई हत्या का मंजर ताजा हो गया।