महोबा/श्रीनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी हुई अनंतिम मतदाता सूची में रोजाना भारी गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। श्रीनगर में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व पूर्व जिला पंचायत सदस्य का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इनके परिवार के 12 से अधिक मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं। ज्यादा लोगों के नाम एक साथ कट जाने से अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़ पाने को लेकर भी आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने हाल ही में पंचायत चुनावों को लेकर अनंतिम मतदाता सूचियों का प्रकाशन कराया है। इन सूचियों में भारी गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं। सबसे बड़ी गड़बड़ी जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल कबरई ब्लॉक की ग्राम पंचायत श्रीनगर में सामने आ रही है। यहां पर 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले 2,500 युवाओं के नाम जोड़े जाने थे लेकिन इनके नाम तो जोड़े ही नहीं गए बल्कि इसके उलट नई मतदाता सूची में 2,300 मतदाताओं के नाम गायब कर दिए गए।
इसी मतदाता सूची में अभी भी 50 मृतकों के नाम जुड़े हैं। इस अनंतिम मतदाता सूची से ग्राम प्रधान श्रीनगर आशीष राजपूत का नाम भी गायब है। ऐसे मामले सामने आने के बाद अन्य लोगों ने भी मतदाता सूचियों की छानबीन शुरू की तो और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए। वर्ष 2000 में हुए पंचायत चुनाव में श्रीनगर के रामदयाल नरवरिया ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी लेकिन इस बार की मतदाता सूची में उनका नाम काट दिया गया है।
उनकी पत्नी रामकुंवर नरवरिया वर्ष 2005 में चुनाव जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थी, उनका भी नाम अनंतिम मतदाता सूची में नहीं है। रामदयाल ने बताया कि उनके परिवार के अशोक कुमार, सुरेंद्र कुमार, सरोज, प्रदीप कुमार, प्रीतम, रामस्वरूप समेत 12 से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामदयाल नरवरिया का कहना है कि उनका परिवार शुरू से राजनीतिक परिवार रहा है, कुछ विरोधियों ने शरारत कर मतदाता सूची नाम गायब करवा दिए हैं बीएलओ शोभाराम राठौर का कहना है कि उन्होंने मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और विलोपित नाम काटने के लिए दिए थे लेकिन ब्लॉक कार्यालय में जो फीडिंग की गई।