फोटो 29 एमएएचपी 20 परिचय-रोडवेज परिसर में बच्चों को इस तरह ठंड से बचाती महिला। संवाद
महोबा। बुंदेलखंड की पठारी धरती पर भीषण ठंड के बीच गलन बढ़ने से लोग दिन भर ठिठुरते रहे। पूरे दिन लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर रहे। सर्द हवाएं चलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। सुबह के समय कोहरा छाया रहने से हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
सोमवार को सुबह से ही ठंड का प्रकोप देखने को मिला। लोग जब नींद से जागे तो चारों तरह कोहरा छाया मिला। कानपुर-सागर व झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाइवे पर वाहन रेंगते नजर आए। दृश्यता शून्य के करीब पहुंचने से वाहन चालकों को परेशानी हुई। कई वाहन चालकों ने वाहनों को सड़क किनारे व ढाबों के आसपास खड़ा लिया। मौसम साफ होने के बाद ही वह गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं रेलवे स्टेशन महोबा में आने वाली लंबी दूरी की कई ट्रेनें लेट रहीं। ऐसे में भीषण ठंड के बीच लोग प्लेटफार्म पर ट्रेनों के आगमन का इंतजार करते रहे।
29 दिसंबर 2024 को जिले में अधिकतम तापमान 23.3 और न्यूनतम 13.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बार अधिकतम 20 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस रहा। इस साल अधिकतम तीन डिग्री और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस कम रहा। सोमवार को भीषण ठंड के साथ ही गलन भी ज्यादा रही। पूरे दिन लोगों को गलन से राहत नहीं मिली। मौसम की तल्खी को देखते हुए अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अलाव और रूम हीटर का सहारा लिया। बाहर निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में पूरी तरह लिपटे नजर आए।
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसपी सोनकर का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आया है। आगामी दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। आठ से दस किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सर्द हवाएं चलेंगी। ठंड से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतना चाहिए।