ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष मेें धनराशि न मिलने से प्रधानों ने विकास कार्य करवाने से हाथ खड़े कर दिए है। बारिश के मौसम में जगह जगह जल भराव और छतिग्रस्त नालियों के साथ-साथ पेयजल की समस्या को हल करने के बजाय ग्राम पंचायतें पैसा न मिलने से खामोश बैठी है। मरम्मत और रखरखाव के लिए धनराशि न मिल पाने से प्रधान संगठन ने आक्रोश जताया।
जिले के चरखारी, बेलाताल, पनवाड़ी, कबरई सहित चार ब्लाक की 247 ग्राम पंचायतों के विकास कार्य और रख रखाव के लिए धनराशि न मिलने से प्रधान संगठन गुरुवार को बैठक कर कड़ी नाराजगी जताई। चरखारी ब्लाक अध्यक्ष ऐंचाना प्रधान राहुल तिवारी के आवास में संपन्न हुई बैठक में प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि मार्च 2015 से तेरहवें और राज्य वित्त की धनराशि करीब पांच माह बीतने के बाद भी खातों में नही भेजी गई, जिसके चलते गांव स्तर पर बुनियादी समस्याओं का समाधान नही हो पा रहा है। जिला उपाध्यक्ष डा. रविकरण राजपूत ने बताया कि गांव में टूटी सड़काें में खड़ंजा, नालियों की मरम्मत और पेयजल संकट निराकरण के लिए मिलने वाली धनराशि का आवंटन न होने से अधिकतर सुविधाएं पूरी नही कर पा रहे हैं। संगठन के महामंत्री चतुर सिंह और पाठा प्रधान महेंद्र सिंह ने बारिश के मौसम में धनराशि के अभाव के कारण छोटी-छोटी समस्याओं का निस्तारण नहीं कर पा रहे है। बैठक में मौजूद कई प्रधानों ने अगस्त माह में धनराशि न मिलने पर विकास विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा विकास के प्रति उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए संघर्ष की रणनीति बनाने का सुझाव दिया। बैठक में खन्ना प्रधान सुरेंद्र सिंह, सुरहा प्रधान रामकिशोर यादव, गौरहारी प्रधान राजाराम, बसौठ के रामदास गुप्ता, पहरेथा के लखनलाल, द्विवेदी, खरेला देहात के श्रीकृष्ण यादव, जरौली प्रधान देवसिंह, कुड़ार प्रधान कीर्ति राजपूत, बगरौन प्रधान हरिसिंह यादव सहित तमाम प्रधान मौजूद रहे।