महोबा। चुनाव की रंजिश में किसान को गोली मारकर घायल करने के सात साल पुराने मामले में सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश रामनगीना यादव ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर वीर सिंह को दस वर्ष और केदार सिंह, राकेश सिंह व कमल किशोर को पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्तों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया।
थाना कबरई के गहरा गांव निवासी सज्जन सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 30 अक्तूबर 2018 को वह बडे़ भाई राजेंद्र सिंह उर्फ बब्बू के साथ खेत जा रहा था। तभी छत्रपाल सिंह के खेत के पास प्रधानी चुनाव की रंजिश में गांव के ही वीर सिंह, केदार सिंह, राकेश सिंह और कमल किशोर असलहे व कुल्हाड़ी लेकर गाली गलौज करने लगे। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। वीर सिंह ने लाइसेंसी बंदूक से बड़े भाई राजेंद्र सिंह को गोली मारी। गोली हाथ में लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने वीर सिंह, केदार सिंह, राकेश और कमल किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। वीर सिंह को दस वर्ष की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माना जबकि तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष की सजा और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया गया।