उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकिशोर ने कहा कि बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच वर्ष तक के बच्चाें का वजन लेकर उनके कुपोषण के स्तर का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुपोषण को मिटाने के लिए राज्य पोषण मिशन चलाया जा रहा है।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी शुक्रवार को बाल स्वास्थ्य पोषण माह के अंतर्गत कस्बे के जनतंत्र इंटर कॉलेज में आयोजित कुपोषण से बचाव के लिए कार्यशाला के अवसर पर बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक नवंबर 2014 से राज्य पोषण मिशन की स्थापना कर कुपोषण मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकाें के आधार पर वजन तालिक भी तैयार की गई है। उन्होंने बताया बच्चे की उम्र के आधार पर हर माह वजन कर बच्चे के स्वास्थ्य का पता लगाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. डीडी अवस्थी ने कहा कि बच्चाें का वजन करने की सुविधा आंगनबाड़ी और एएनएम सेंटराें पर उपलब्ध है। कुपोषित बच्चाें के उपचार की सुविधा जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र पर उपलब्ध है। जहां बच्चाें के इलाज के साथ-साथ एक व्यक्ति के रहने और खाने की भी व्यवस्था है। उन्हाेंने कहा कि राज्य पोषण मिशन तभी सफल होगा जब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, आशा बहुएं और एएनएम मिलकर कार्य करें। उन्होंने बताया कि कुपोषण शरीर में आवश्यक तत्वाें की कमी से होता है। कुपोषण से पांच वर्ष तक के बच्चे, किशोरियां और गर्भवती महिलाएं ग्रसित होती हैं। इस मौके पर डॉ. ज्वाला प्रसाद, गिरिराज कश्यप, नवीन नामदेव, डॉ. अवनीश कुमार, पुष्पा गुरुदेव, मंजुला भार्गव, यासमीन जहां सहित तमाम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और आशाएं मौजूद रहीं।