महोबा। 40 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के ओलंपिक में पदक जीतने से हॉकी प्रेमी गदगद हैं। गुरुवार को हॉकीप्रेमियों ने शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर देश की सफलता का जश्न मनाया। हाथों में तिरंगा लिए लोग भारतमाता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते रहे। इस दौरान एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मनाई गईं।
जश्न के दौरान केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 1980 में मास्को ओलंपिक की सफलता के बाद से भारतीय हॉकी टीम एक बड़ी कामयाबी के लिए तरस रही थी। लंबे इंतजार के बाद पुरुष हॉकी टीम के धुरंधरों ने ओलंपिक पदक का सूखा टोक्यो ओलंपिक जापान में खत्म किया। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद्र के बाद दोबारा भारतीय टीम अपने स्वर्णिम दिनों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह जीत कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को फोन कर बधाई दी।
कीरत सागर तट पर जश्न मना रहे हॉकी प्रेमी व प्रशंसकों ने मंगलगीत गाए और मिठाई बांटकर खुशियां मनाई। कार्यक्रम में जयहिंद सिंह, पूर्व हवलदार जयनारायण राजौरिया, बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर, प्रियवंदना गुप्ता, पंकज महाराज, बृजेंद्र सिंह, डॉ. सुलभ आदि मौजूद रहे।