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Mahoba News: व्यावसायिक भवनों की तलाश, शर्तों पर खरा उतरने की चुनौती

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-आवासीय भवनों में संचालित पाए गए थे कोचिंग व लाइब्रेरी, मानक पूरे किए बिना संचालन पर रोक
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- रोज 15-20 संचालक डीआईओएस दफ्फ्तर के लगा रहे चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। लाइब्रेरी समेत नौ शिक्षण संस्थान सील करने, आठ प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस देने के बाद शहर में व्यावसायिक भवनों की तलाश तेज हो गई है। जो भवन सुरक्षा मानकों की शर्तों को करीब-करीब पूरा करते हों लेकिन शिक्षण संस्थान संचालकों को ऐसे भवन मिल नहीं रहे हैं जबकि आवासीय भवनों में शिक्षण संस्थान संचालन बंद हो गया है। नतीजा यह है कि मानकों को पूरा करने में संचालक हाफ गए हैं और वह कोई न कोई विकल्प तलाश रहे हैं। ताकि मानकों को पूरा कर अपना काम फिर से शुरू कर सकें।
22 जून को एसडीएम सदर के नेतृत्व में डीआईओएस, सीओ सिटी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने पुलिस बल के साथ शहर के रामकथा मार्ग पर संचालित होने वाली कोचिंग व डिजिटल लाइब्रेरी पर जांच की थी। इस दौरान पांच डिजिटल लाइब्रेरी और चार कोचिंग संस्थानों को सील किया गया था जबकि आठ कोचिंग संस्थानों को नोटिस देकर प्रतिष्ठान बंद करने के निर्देश दिए थे।
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कहा था कि मानक पूरे करने पर ही संचालित करें। कार्रवाई के बाद कोचिंग व लाइब्रेरी संचालक संस्थानों को खुलवाने के लिए डीआईओएस कार्यालय का चक्कर लगाना शुरू कर चुके हैं। रोज 15-20 लोग नियमों की जानकारी लेने के लिए पहुंच रहे हैं। कार्रवाई के दौरान में सबसे अहम बिंदु यह पाया गया कि सभी संस्थान आवासीय भवनों में बिना मानक पूरा किए संचालित थे। ऐसे में उन्हें विभाग की ओर से निर्देश मिले कि आवासीय भवन जो मानकों की शर्त को करीब-करीब पूरा करते हों, वहां संचालन कराया जाए।
अब संचालक शहर में व्यवसायिक भवनों की तलाश कर रहे हैं, जो कि उन्हें ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। कहीं मिल भी रहे हैं तो उनका किराया ही सुनकर संचालकों के पसीने छूट रहे हैं। नतीजा यह है कि कोचिंग संस्थान फिलहाल बंद चल रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमचंद ने बताया कि रोज 15-20 लोग विभाग में आकर नियमों की जानकारी कर रहे हैं। सभी को सख्त निर्देश हैं कि मानकों को पूरा करने के बाद ही संचालन करें।

यह हैं प्रमुख बिंदु
कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी को संचालित करने के लिए व्यावसायिक भवन का होना आवश्यक है। इमारत में आने-जाने के अलग-अलग रास्ते हों। कमरा हवादार होना चाहिए। छात्र-छात्राओं के लिए नजदीक ही बाथरूम होना चाहिए। अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी दी गई हो। भवन मालिक या कोचिंग संचालक लोक निर्माण विभाग से नेशनल बिल्डिंग कोड का प्रमाण पत्र जरूर हासिल करें। आग बुझाने के उपकरण रखें जाएं। कोचिंग सेंटर के रास्ते व बाहर सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए। संस्थान का पंजीकरण होना चाहिए।


मानक के विपरीत चलते मिले रेस्टाेरेंट व लाइब्रेरी
आठ स्थानों में कहीं भी नहीं मिले मानक, सभी को नोटिस
फोटो 28 एमएएचपी 07 परिचय-कस्बे में रेस्टोरेंट के निरीक्षण में निर्देश देते एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार। संवाद
कुलपहाड़। उपजिलाधिकारी डाॅ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा समिति ने कस्बे में संचालित लाइब्रेरी, गेस्ट हाउसों व रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया जो मानकों के विपरीत संचालित मिले।
एसडीएम, सीओ अनिरुद्ध कुमार, ईओ संजीव कुमार और अग्निशमन अधिकारी जांच करने के कुलपहाड़ सेंट्रल लाइब्रेरी में पहुंचे। जांच में आवासीय भवन में लाइब्रेरी संचालित मिली। संचालक के पास न तो फायर एनओसी मिली न ही कोई सुरक्षा उपकरण रखे मिलें। 38 सीटें संकरे स्थान पर रखकर मकान के पहले तल पर लाइब्रेरी चलाई जा रही है। एक संकरी सीढ़ी मिली।
टीम ने सेवन इलेवन रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। यहां पर जीएसटी प्रपत्र, फायर एनओसी नहीं मिली। साथ ही खाद्य सुरक्षा संबंधी अभिलेख नहीं मिले। अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगे मिले। पीतांबरा मैरिज हाल में छह जनवरी 2026 की एक्सपायर फायर एनओसी मिली। जिसे रिन्युअल नहीं कराया गया। निष्क्रिय सुरक्षा उपकरण मिले। साईं मैरिज गार्डन में जीएसटी, फायर एनओसी व सुरक्षा उपकरण नहीं मिले। ग्रीन स्टार और मीना पैलेस में जीएसटी पंजीकरण नहीं पाया गया। फायर एनओसी भी मिली।
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एसडीएम ने अग्निशमन अधिकारी को पत्र लिखकर सभी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि कुलपहाड़ में आठ संस्थाओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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