पिछले साल पर्याप्त बारिश न होने से उर्मिल बांध ने जवाब दे दिया। हालत यह है कि मौजूदा समय में बांध में सिर्फ ढाई फिट पानी ही बचा। दो-चार दिन में पर्याप्त बारिश न हुई तो हालात गंभीर हो जाएंगे। पानी कम होने से जिला प्रशासन, जल निगम, जल संस्थान के अधिकारी भी चिंतित हैं।
गौरतलब है कि 32 किलोमीटर दूर उर्मिल बांध से सिजहरी, श्रीनगर और महोबा में पानी की आपूर्ति की जाती है। उर्मिल बांध में बनाए गए इंटेकवेल से श्रीनगर में बने फिल्टर प्लांट तक पानी लाया जाता है। यहां से महोबा शहर में बनाए गए तीन सीडब्ल्यूआर और एक ओवरहेड टैंक को भरा जाता है।
इसके बाद इन टैंकों से चार जोन में बांटे गए महोबा को अलग-अलग टैंकों से पानी की सप्लाई की जाती है। पिछले साल बारिश कम होने के कारण उर्मिल बांध 237.43 मीटर के सापेक्ष 235.10 मीटर ही भर पाया था। जून में बारिश न होने के कारण अब बांध ने जवाब दे दिया है। बांध में अब सिर्फ ढाई फिट पानी शेष है। इससे अफसरों की नींद उड़ गई है। यदि दो-चार दिन में बारिश नहीं हुई तो पानी को लेकर स्थिति भयावह हो सकती है।
तेजी से गिरते जलस्तर के कारण कुओं और हैंडपंपों ने पहले ही जवाब दे दिया है। तालाब से पानी आपूर्ति बंद हो गई है, अब सिर्फ उर्मिल बांध पर लोग आश्रित हैं। बांध में पानी बहुत कम होने से अधिकारी पेयजल आपूर्ति को लेकर खासे बेचैन हैं।
वर्ष 2035 तक की आबादी के हिसाब से 33 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना चंद सालों में ही धड़ाम हो गई। वर्ष 2035 की बढ़ी आबादी को पानी पिलाना तो दूर मौजूदा आबादी की प्यास यह पेयजल योजना नहीं बुझा पा रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी शहरियों को पानी न मिलने से महत्वाकांक्षी परियोजना पर प्रश्नचिह्न लग गया है। वर्ष 2011 में आरंभ की गई महोबा पुनर्गठन योजना चार साल में ही फेल हो गई।
शहरी लोगों की प्यास बुझाने को जल निगम ने शहर की गली कूचों और मुख्य मार्गाें पर 90 किमी पाइप लाइन बिछाई है। ऊंचाई के इलाकों में शुरू से ही पानी का रोना है। पिछले एक माह से ऊंचाई के साथ-साथ निचले इलाकों में भी पानी का संकट है। इस कारण 90 किमी शहर में बिछाई गई पाइप लाइन का नागरिकों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
उर्मिल बांध में अभी पर्याप्त पानी है और मानसून भी आ गया है। इस कारण पानी की कमी आड़े नहीं आएगी। पानी और कम होने पर इंटेकवेल तक पानी बीच बांध से लाकर सप्लाई की जाएगी। अभी स्टेनर के एक फिट ऊपर पानी है, इसलिए पानी का संकट नहीं बढ़ेगा। -सुनील कुमार तिवारी, प्रभारी अधिशाषी अभियंता जल निगम, महोबा।