इस बार बोर्ड की परीक्षा में ग्रामीण छात्र-छात्राओं का दबदबा रहा। सुविधाओं और संसाधन न होने के बाद भी गांव के मेधावियों से शहरियों को पीछे छोड़ दिया। इस कामयाबी से ग्रामीण बच्चों पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
विकासखंड जैतपुर के अकोना गांव निवासी प्रेमचंद्र ने जीबी इस्लामियां इंटर कॉलेज कुलपहाड़ से 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया। साथ ही साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचलों में भी मेधावियों की कमी नहीं है।
गुढ़ा गांव के सर्वेश कुमार ने जीबी इस्लामियां से 87.17 फीसदी अंक पाकर अपने गांव का नाम रोशन किया है। विकासखंड कबरई के अतरारमाफ गांव निवासी जतिन रिछारिया ने 84 प्रतिशत अंक पाकर गांव वासियों को खुश कर दिया। माता पिता के भले ही पढ़ा लिखा न होने के बाद भी बेटे ने बेहतर अंक पाकर पिता का कद बढ़ाया है।
इसी ब्लाक के तिंदौली गांव निवासी शिवम सक्सेना ने भी 84 फीसदी अंक हासिल करके यह दर्शा दिया है कि ग्रामीण बच्चे भी शहरियों से कम नहीं हैं। इसी तरह इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में जीबी इस्लामियां के इंटरीमीडिएट के छात्र चमरुआ निवासी आमिर खान ने भी 84.6 फीसदी अंक हासिल किए है।
जैतपुर गांव की रिया पाराशर ने भी 81 प्रतिशत अंक पाए। वहीं, पिपरामाफ निवासी दीपेश खरे ने 91.6 फीसदी अंक पाकर जिले में पहला स्थान पाया है। इसी तरह सूपा निवासी आयुशी त्रिवेदी ने 91.2 इसी तरह नरेंद्र कुमार, राजेश सहित तमाम ग्रामीणों ने सीमित संसाधनों के बावजूद वह कर दिखाया जो पंखा कूलर और एसी में रहकर भी नहीं कर सके।