हमीरपुर। खाद की कालाबाजारी पाए जाने पर विक्रेता के खिलाफ जांच टीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। साथ ही दूसरी दुकान पर डीएपी व यूरिया का पॉश मशीन से मिलान न होने पर दुकान सील करने की कार्रवाई की गई है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराए जाने व खाद की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर व मौदहा एसडीएम करनवीर सिंह की संयुक्त टीम ने कई दुकानों में उर्वरक की जांच पड़ताल की।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि मे. कान्हा खाद भंडार में रेट बोर्ड व अभिलेखों का रख-रखाव सही नहीं पाया गया। गोदाम में उर्वरक सही एवं व्यवस्थित न रखने के कारण गोदाम में उपलब्ध डीएपी व यूरिया का पॉस मशीन से मिलान नहीं किया जा सका। संदिग्धता प्रतीत होने पर उक्त फर्म की उर्वरक गोदाम पर सील की कार्रवाई की गई है।
वहीं, मे. मंगला खाद भंडार पर जांच की गई। दुकान पर रेट बोर्ड व अभिलेखों का रख-रखाव पूर्ण नहीं पाया गया। मौके पर पॉस मशीन में डीएपी 344 बोरी व यूरिया 1,361 बोरी पाई गई, जबकि दुकान पर यूरिया 808 बोरी व डीएपी 92 बोरी उपलब्ध पाई गई। दुकान पर 553 बोरी यूरिया व 252 बोरी डीएपी कम पाई गई है। इस बारे में विक्रेता द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। जिसपर उक्त दुकानदार के खिलाफ खाद कालाबाजारी में संलिप्तता पाए जाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कहा कि विभाग की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।