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रहमत का असरा खत्म, बरकत का शुरू

Mon, 29 Jun 2015 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
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मुकद्दस रमजान का पहला रहमतों से भरा असरा खत्म हो गया। पहले असरे के साथ ही शहर की एक दर्जन से ज्यादा मस्जिदों में खत्मुल कुरान हुआ। दस दिन में लोगों ने पूरा कुरान सुना।
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रमजान में तीन असरे होते हैं। पहला रहमत का दूसरा बरकत व तीसरा असरा मगफिरत का होता है। दसवें रोजे को रहमत का असरा खत्म हो गया।

इस असरे में अल्लाह तआला बेशुमार रहमतें नाजिल करता है। रमजान को जहां रहतमों और बरकतों का बेशुमार माह कहा गया है, वहीं इस माह में खूब बरकत होती है। हर रोज घर-घर में तरह तरह के पकवान व दो तरह का खाना बनता है।

पहला असरा खत्म होने के साथ ही डिग्री कालेज के समीप मस्जिद, तालाब वाली मस्जिद, दरियापुरा की मस्जिद, भीतरकोट, समदनगर, बजरिया सहित एक दर्जन से ज्यादा मस्जिदों में तरावीह भी खत्म हो गईं।
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तरावीह के बाद सलातो सलाम पढ़ा गया, इसके बाद सभी लोगों ने कुरान सुनाने आए हाफिजों से गले मिलकर मुसाफा किया। इसके बाद सभी को तबर्रुख दिया गया। अब इन मस्जिदों में अलमतरा से तरावीह पढ़ी जा रहीं हैं।
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रमजान माह में दिन रात काफी चहल पहल रहती है, चारो तरफ रात्रि दो बजे से रोजेदारों को उठाने के लिए हर तरफ लाउडस्पीकर बजने लगते हैं।

   
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