महोबा/खरेला/चरखारी। तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश से नाले व रपटे उफना गए हैं। बृहस्पतिवार को चरखारी के बरायं और बारी गांव से निकले सीहो नाला उफनाने से सड़क पर कमर तक पानी भर गया।
छह गांवों का संपर्क टूट गया। कुछ ग्रामीण उफनाते नाले से जान जोखिम में डालकर निकलते नजर आए। देर शाम तक ग्रामीण रपटे का पानी कम होने का इंतजार करते रहे लेकिन बीच-बीच में बारिश होने से आवागमन प्रभावित रहा।
अगस्त के पहले सप्ताह में मौसम पूरी तरह मेहरबान है। तीन दिन से कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर लगातार जारी है। बरायं व बारी गांव से होकर निकले सीहो नाला इस समय उफान पर है। सड़क के ऊपर से पानी बहने से बारी, पड़ोरा, ऐंचाना, कुआं, बरायं और कौहारी से खन्ना का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। बढ़ते पानी के चलते ग्रामीण घरों में कैद रहे।
इन गांव के लोग कस्बा खरेला में बाजार व अन्य जरूरी काम से आते-जाते हैं। नाला उफनाने से इन गांवों का कस्बे से संपर्क टूट गया है। कुछ ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते नजर आए। बरायं गांव निवासी सत्यम तिवारी, धर्मेंद्र, अरविंद अहिरवार आदि ने बताया कि नाला उफनाने से छह गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ऐसे में यदि महिलाएं-बच्चे बीमार होते हैं तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी। नाले पर पुल का निर्माण होना चाहिए। ताकि हर साल की इस समस्या से निजात मिल सके।
चरखारी संवाद के अनुसार ग्राम पंचायत सूपा से निकली नदी का रपटा इस समय उफान पर है। इससे चरखारी और सूपा का संपर्क कट गया है। सड़क के ऊपर से पानी बहने से किसानों के खेतों में भर रहा है। इससे किसानों को तिल की फसल में नुकसान हो रहा है। गांव के राहुल विश्वकर्मा, आकाश, रोहित आदि ने बताया कि रपटे से पानी उतरने में 20 से 24 घंटे लग जाते हैं। समस्या और गंभीर हो सकती है।
फोटो 06 एमएएचपी 11 परिचय-सूपा मार्ग में रपटा उफनाने से भरा पानी। संवाद
फोटो 06 एमएएचपी 11 परिचय-सूपा मार्ग में रपटा उफनाने से भरा पानी। संवाद