फहाईवे सड़क चौड़ीकरण के लिए जमींदोज किए गए मकान और दुकान क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग संगठन द्वारा चौड़ाई संबंधी जानकारी स्पष्ट न करने से लोगों में भ्रम बना है। इससे टूटे मकान और दुकान बन नहीं पा रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संगठन द्वारा झांसी-मिर्जापुर हाईवे में चौड़ीकरण कराया जा रहा है। एक पखवारे पहले ग्राम सुगिरा से बस स्टैंड तक सड़क किनारे बने मकानों और दुकानों को तोड़ा गया था।
अधिकांश मकान और दुकान सड़क के मध्य से 11 मीटर की चौड़ाई तक तोड़ी गईं, लेकिन बाद में बंदोबस्ती नक्शा का मिलान करने पर कई जगह सड़क मात्र छह से आठ मीटर ही पाई गई, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
एनएच द्वारा लोगों को सही जानकारी नहीं दी जा रही कि उन्हें अपने टूटे मकान और दुकानें कहां से बनानी हैं।
इसके चलते मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं। निर्माण कार्य न कराने से दुकानदारों की रोजी रोटी छिन गई है। संतोष चौरसिया, कल्लू सेन, राजेश गुप्ता, अर्जुन सेन, शैलेश पस्तौर, पप्पू रैकवार आदि का कहना है कि कोरोना ने वैसे भी भुखमरी की कगार पर भेज दिया था।
अब राजमार्ग संगठन बर्बाद करने पर तुला हुआ है। उन्होंने डीएम को शिकायतीपत्र भेजकर शीघ्र सड़क व नाली निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोग अपने मकान और दुकान की मरम्मत करा सकें।