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Mahoba News: गंदे व मटमैले पानी की आपूर्ति से डेढ़ लाख की आबादी परेशान

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फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-दिव्यांश हरदया। संवाद
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-उर्मिल बांध से शहर को मिलने वाली आपूर्ति में आ रहा गंदा पानी
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-शहरवासी बोले, तीन दिन से आ रहा गंदा पानी पीने योग्य नहीं
फोटो 07 एमएएचपी 08 परिचय-पेयजल आपूर्ति में नल से इस तरह निकल रहा गंदा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से शहर को होने वाली पेयजल आपूर्ति में गंदा और मटमैला पानी आ रहा है। इससे शहर की डेढ़ लाख की आबादी परेशान है। गंदा पानी आने के चलते लोग इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत उर्मिल बांध से पानी लाकर शहर के विभिन्न वार्डाें में सप्लाई दी जाती है। उर्मिल बांध से पेयजल आपूर्ति का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा गया है। प्रतिदिन उर्मिल बांध से 17 एमएलडी पानी आता है। पानी को शोधित करने के लिए कस्बा श्रीनगर में फिल्टर प्लांट बनाया गया है। जिसमें 15 एमएलडी पानी को पेयजल के रूप में दिया जाता है। बारिश के चलते उर्मिल बांध में सिल्ट के साथ ही गंदा व मटमैला पानी आ गया है। ऐसे में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी पूरी तरह शोधित नहीं हो पा रहा है। इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल करने पर बीमारी फैलने की आशंका है। लोगों का कहना है कि तीन दिन से बेहद गंदा पानी आने से वह कपड़े व बर्तन भी नहीं धो पा रहे हैं। मजबूरी में उन्हें आसपास स्थित हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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सुबह चार बजे एक घंटे ही मिलता है पानी

महोबा। शहर में पेयजल आपूर्ति के नाम पर मनमानी जारी है। मोहल्ला बड़ीहाट, हवेली दरवाजा, ढपलाना, भीरतकोट आदि मोहल्लों में सुबह चार बजे एक घंटे के लिए पेयजल आपूर्ति दी जाती है। यह आपूर्ति दो दिन में एक बार मिल रही है।
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पानी के लिए हो रही परेशानी
फोटो 07 एमएएचपी 09 परिचय-रामजी गुप्ता। संवाद
शक्तिनगर निवासी रामजी गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पेयजल के रूप में शहर को मिलने वाला पानी बेहद गंदा व मटमैला आ रहा है। इसे पेयजल के रूप में इस्तेमाल करना मुश्किल है। समस्या का शीघ्र ही समाधान होना चाहिए।
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खरीदना पड़ रहा है पानी
फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-दिव्यांश हरदया। संवाद
जारीगंज निवासी दिव्यांश हरदया का कहना है कि उर्मिल बांध से शहरवासियों को दी जा रही पेयजल आपूर्ति इस समय गंदी और मटमैली आ रही है। आरओ प्लांट से पानी खरीदना पड़ रहा है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सही होना जरूरी है।
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वर्जन
उर्मिल बांध में बारिश का पानी भरने से पूरा पानी मटमैला हो रहा है। सिल्ट से पानी मटमैला हुआ है। फिल्टर के बाद भी पानी साफ नहीं हो रहा है। बांध का पानी स्थिर होते ही आठ-दस दिन में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त हो जाएगी। -शैलेष सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, उर्मिल पेयजल परियोजना।

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-दिव्यांश हरदया। संवाद

फोटो 07 एमएएचपी 10 परिचय-दिव्यांश हरदया। संवाद

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