रात में दिल्ली से आए श्रमिकों से पूछताछ करती पुलिस
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महोबा। लॉकडाउन के चलते चोरी छिपे घर आने वालों की खोजबीन में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। छिपे लोगों को खोजकर पुलिस उनको जांच के बाद क्वारंटीन सेंटर भेज रही है। शनिवार रात दिल्ली से आए तीन लोगों के घरों में पुलिस ने पूछताछ की। जांच रिपोर्ट दिखाने के बाद पुलिस ने उन्हें अलग अपने कमरे में ही क्वारंटीन कर दिया। रविवार को दस लोगों के आने के बाद अब तक जिले में 4,569 लोग क्वारंटीन कराए गए।
महानगरों से आने के बाद बिना जांच कराए घर में छिपे परदेसियों की तलाश में ग्राम प्रधान और पुलिस जुटे हैं। जिले की चारों सरहदों पर बैरियर लगाकर सीमाएं सील कर दी गई हैं। जिससे कोई भी प्रवासी प्रवेश न कर सके, लेकिन पैदल आने वाले हाईवे और सड़क से प्रवेश न कर खेतों और कच्ची गलियों से जिले में आ जाते हैं और बिना जांच कराए घरों में रहने लगते हैं।
ग्रामीणांचलों में आने वालों की जांच कराने के लिए ग्राम प्रधान घर-घर जाकर लोगों को जांच कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं। गांव स्तर पर भी स्कूलों को खोलकर भी क्वारंटीन केंद्र बनाया गया है। इसके बाद भी ग्रामीण घरों से नहीं निकल रहे हैं। ऐसे लोगों की सूचना मिलने पर घर पहुंचकर पुलिस उन्हें अस्पताल भेजने से लेकर क्वारंटीन कर रही है।
शनिवार रात को दिल्ली से पत्नी के साथ लौटे कासिम मंसूरी निवासी भटीपुरा और मकानियापुरा निवासी मोहम्मद रईस मंसूरी के घर जाकर पुलिस ने पूछताछ की। तीनों की जांच रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें घरों में क्वारंटीन करा दिया। कहा कि किसी भी कीमत पर घरों से न निकले। जरूरत पड़ने पर फोन से सूचना दें।
पड़ोसी कर रहे पुलिस का काम आसान : महोबा। अब घरों में चोरी छिपे आने वाले प्रवासी श्रमिकों से पड़ोसी भी डर रहे हैं। नतीजतन महानगरों से उनके आने के बाद स्वयं पड़ोसी ही पुलिस को सूचना कर देते हैं। इससे पुलिस को बाहरी लोगों को खोजने में खासी मदद मिल रही हैं और उनका काम थोड़ा आसान हो गया है। ग्रामीण परदेसियों से सहमे होने के कारण किसी के भी गांव में आने पर पुलिस को जानकारी दे देते हैं।