महोबा। पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशु शिवहरे के पति को मंगलवार की रात को कानपुर में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के महोबा आवास में सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा। आवास में रहने वाली चहल पहल भी गायब हो गई। परिवार के लोग भी नजर नहीं आए।
दो साल पहले मध्य प्रदेश में हुए व्यापम घोटाला में शामिल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंशु शिवहरे के पति रमेश चंद्रा का नाम आने के बाद वह फरार हो गए थे। मध्य प्रदेश से दो बार एसटीएफ पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास में छापा मारी की लेकिन रमेश चंद्रा का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने रमेश चद्रा पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था लेकिन पूर्व अध्यक्ष का पति पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका।
वर्ष 2015 हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में रमेश चंद्रा की पत्नी अंशु शिवहरे एक बार फिर विजयी हुईं लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी नहीं मिल सकी। दो साल से रमेश चंद्रा अपने परिवार के लोगों से दूर रह रहा था जिसे पुलिस ने मंगलवार की रात को कानपुर में गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद से गुलजार रहने वाले अंशु शिवहरे के आवास में सन्नाटा छा गया है। परिवार के लोग किसी भी तरह की बात करने से कतरा रहे हैं।