नेत्र रोग विशेषज्ञ कक्ष की खाली रही कुर्सी
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महोबा। डेढ़ माह से बंद जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी सेवाएं शुक्रवार से शुरू हो गई। सुबह से ही इलाज कराने के लिए मरीज अस्पताल पहुंचे। कुछ डॉक्टर ड्यूटी के दौरान कक्षों से गायब मिले। हालांकि मरीजों की संख्या बेहद कम रही और पहले दिन 300 मरीज ही पंजीकृत किए गए। ओपीडी सेवाएं शुरू होने से मरीजों ने राहत की सांस ली है।
कोरोना संक्रमण को लेकर अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह से जिला अस्पताल समेत सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई थी। जिसके चलते मरीजों को भारी दिक्कत हुई। मजबूरी में लोगों ने प्राइवेट क्लीनिकों का सहारा लिया। अब प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम होने पर सरकार ने ओपीडी सेवाएं शुरू किए जाने के आदेश दिए हैं। जिसको लेकर शुक्रवार से जिला अस्पताल व सीएचसी-पीएचसी ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी गईं।
दोपहर एक बजे के बाद तीन कक्षों से डॉक्टर नदारद हो गए। पसवारा गांव की पुनिया ने बताया कि आंख में दिक्कत होने के चलते वह अस्पताल आई थी लेकिन संबंधित डॉक्टर कक्ष में नहीं मिले। जिससे वह बिना इलाज के लौट रही है। उधर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार से ओपीडी सेवा चालू कर दी गईं हैं। सभी कक्षों में डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है। लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।