खिरियाकला गांव में छेड़खानी से क्षब्ध किशोरी के आग लगा कर खुदकुशी करने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई है। घटना के तूल पकड़ने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने सख्ती जताते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया । घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। माता-पिता इकलौती बेटी का की जुदाई का गम नहीं भुला पा रहे हैं।
खिरियाकला गांव निवासी हुसैन बख्श के परिवार में बेटा रमजान और बेटी फातमा थी। हुसैन बख्श ने बेटा- बेटी में कोई फर्क नहीं किया। बेटे की तरह बेटी को भी पढ़ाया। बेटा रमजान बड़ा है बेटी छोटी थी। फातमा कक्षा दस की छात्रा थी। बेटी की मौत के बाद अब भाई- बहन एक दूसरे से बिछड़ गए हैं।
हुसैन बख्श यह बताते हुए चीख चीख कर रोने लगता है। वह इकलौती बेटी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है और रोते रोते बेहोश हो जाता है। उधर मां का और भी बुरा हाल है। ग्रामीणों के समझाने के बाद भी माता- पिता के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
हादसे के बाद में गांव में गमगीन माहौल है। घटना के बाद आरोपी के परिजन भी पुलिस के डर से गांव छोड़ गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद किशोरी का शव गुरुवार रात गांव लाया गया। फात्मा का शव आते ही मां पछाड़ खाने लगी। यह देख मौौजूद लोगों की आखें नम हो गईं।
पीड़ित के घर पहुंचने लगे नेता - खिरियाकला गांव में छेडख़ानी से क्षुब्ध किशोरी के आत्महत्या करने के बाद अब नेता पीड़ित के घर सांत्वना देने के नाम पर पहुंचने लगे हैं। सपा जिलाध्यक्ष बाबू मंसूरी ने शुक्रवार को किशोरी के घर पहुंचकर उसे सांत्वना दी और आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मंसूरी कमेटी के जिलाध्यक्ष आजाद मंसूरी और महामंत्री शब्बीर मंसूरी ने भी पीड़िता के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।