बुधवार को इलाहाबाद जिला कचहरी परिसर में अधिवक्ता नबी अहमद की दरोगा द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने से अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश है। गुरुवार को अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर जाम लगाया और प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। शुक्रवार को भी अधिवक्ताओं की अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रही। अधिवक्ताओं द्वारा कार्य न किए जाने से न्यायिक कामकाज प्रभावित रहा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में तहसील अधिवक्ता सभागार में हुई बैठक में वकीलों ने इलाहाबाद में अधिवक्ता की निर्मम हत्या की निंदा की। साथ ही न्यायिक कामकाज न करने का निर्णय लिया। साथ ही पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर बार एसोसिएशन के महामंत्री मुकुट सिंह, पूर्व अध्यक्ष सुखनंदन सिंह यादव, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार द्विवेदी, मुरारीलाल अग्रवाल, बनवारी लाल, केके सोनी, उदित नारायन, रामशरण सक्सेना, शिवचरन सिंह, कन्हैया राजपूत, प्रमोद सक्सेना सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। वकीलों की हड़ताल के चलते मुकदमों की पैरवी करने आए वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं कचहरी परिसर में सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा। अधिवक्ताओं द्वारा कामकाज न किए जाने से वादकारी खासे परेशान रहे।
कर अधिवक्ता संघ ने किया हड़ताल का ऐलान
इलाहाबाद कोर्ट परिसर में दरोगा द्वारा अधिवक्ता की हत्या किए जाने के विरोध में कर अधिवक्ता संघ ने भी हड़ताल कर दी है। कर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजेंद्र गुप्ता और ह्रदेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में अधिवक्ता हड़ताल पर रहे और काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर न्याय न मिलने तक कार्य से विरत रहने की घोषणा की। साथ ही बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की समस्त मांगाें का समर्थन करने का भी ऐलान किया। इस मौके पर प्रदीप चंद्र गुप्ता, अरुण पुरवार, धीरज गुप्ता, प्रभात तिवारी, अरविंद सिंह, वीरेंद्र कुमार सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।