महोबा। फाल्गुन अमावस्या पर मंगलवार को आध्यात्मिक आस्था के केंद्र गोरखगिरि पर्वत की बुंदेलों ने पांच किमी लंबी परिक्रमा लगाकर बुंदेलखंड की खुशहाली की कामना की। परिक्रमा के बाद शिवतांडव मंदिर के अधूरे निर्माण कार्य पर भक्तों ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
परिक्रमा शिवतांडव से शुरु होकर पठवा के हनुमान मंदिर, कबीर आश्रम, सकरे सन्या, भूतनाथ आश्रम, काली माता, छोटी चंद्रिका, नागौरिया, काल भैरव होते हुए वापस शिवतांडव में संपन्न हुई। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि गोरखगिरि पहाड़ गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली रहा है। 14 वर्ष के वनवास काल के दौरान भगवान राम, माता सीता व लक्ष्मण ने इस पहाड़ पर कुछ समय बिताया। रामकुंड और सीता रसोई आज भी इसके प्रमाण हैं। यही वजह है कि गोरखगिरि चित्रकूट के कामदगिरि की तरह पुण्य फलदायी है। परिक्रमा में दिलीप जैन, अवधेश गुप्ता, डाॅ. देवेंद्र पुरवार, मनीष जैदका, गया प्रसाद, महेंद्र, प्रेम, प्रहलाद, नीरज पुरवार, अमित शिवहरे, राजेश शुक्ला, चंद्रभान आदि शामिल रहे।