जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गांव गांव में सूखा तथा पेयजल समस्या निराकरण और रोजगार परख योजनाएं संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीणों को भरपूर रोजगार मिल सके। उन्होंने असहाय और निराश्रितों को चयन कर उन्हें खाद्याय सामग्री और ठंड से बचाने के लिए कंबल मुहैया कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह रविवार को कलेक्ट्रेट में बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पानी की अहमियत समझाते हुए कहा कि पानी बर्बाद न होने दें, एक- एक बूंद पानी बेशकीमती है। कहा कि कबरई में टेंकरों से सप्लाई कराई जाए, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कहा कि अन्ना पशुओं के चारा और पानी की उचित व्यवस्था करें। कहा कि खाद्य सुरक्षा बिल के तहत ग्रामीण आबादी का 80 प्रतिशत तथा शहरी आबादी को 65 प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा।
कहा कि जो आयकर दाता नहीं हैं, न चार पहिया वाहन स्वामी है, शस्त्र लाइसेंस धारक नहीं हैं और साढ़े सात एकड़ से अधिक जमीन नहीं है, वह खाद्य सुरक्षा बिल का लाभ ले सकते हैं।
जिलाधिकारी ने एडीएम को न्याय पंचायत स्तर पर नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता नेकीराम ने बताया कि जिले में 20 घंटे बिजली मुहैया कराई जा रही है। इस मौके पर सभी उपजिलाधिकारी मौजूद रहे।