महोबा/ बेलाताल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कार्यालय में समय से बैठने एवं जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अफसर हैं उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। सुबह दस बजे के बाद भी अधिकारी व कर्मचारी दफ्तर नहीं पहुंच रहे हैं। बुधवार को इसकी पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आ गई। जहां विकास भवन में कई अधिकारी नदारद दिखे। जिसमें कई में ताला बंद दिखा वहीं कई में कार्यालयों में कर्मचारी तो पहुंच गए लेकिन साहब नहीं आए। जिससे फरियादी बैरंग लौट गए। इसी तरह जैतपुर ब्लॉक में जिम्मेदार अधिकारी ब्लॉक व बीआरसी नहीं पहुंचे। घंटो इंतजार के बाद भी फरियादियों का काम नहीं हो सका। नदारद अधिकारियों की मंशा यही झलक रही है कि उन्हें सीएम के आदेश से भी कोई फर्क नहीं पड़ता है।
- रिखवाहा निवासी धनीराम परिवार रजिस्टर की नकल लेने अपने पुत्र के साथ करीब 15 किलोमीटर चलकर ब्लॉक जैतपुर कार्यालय आया। लेकिन ग्राम पंचायत सचिव 12:05 तक नही मिले। उसने बीडीओ राहुल पांडेय और एडीओ सुरेश कुमार धुरिया से शिकायत करने चाही तो ये दोनों अधिकारी भी नही मिले।
बीआरसी कार्यालय जैतपुर में भी सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जैतपुर एबीएसए गौरव शुक्ला नही पहुंचे। बीआरसी कार्यालय में कार्यालय सहायक केशव नारायण ,परिचारक सहित कार्यालय के अन्य लोग मिले। कहा कि साहब अभी नहीं आए हैं।
सुबह 10.05 बजे भटीपुरा निवासी रामप्यारी ने बताया कि वह पेंशन के लिए समाज कल्याण अधिकारी से मिलने आईं है। कार्यालय तो खुल गया है लेकिन अभी कहा गया है कि मैडम नहीं आई हैं, थोड़ी देर में आप का काम होगा। जिससे उनका इंतजार कर रही हूं।
शासन के नियमानुसार 10 बजे से सरकारी कार्यालय खुलने का समय निर्धारित हैं। सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में पहुंच रहे हैं जो लोग नहीं बैठ रहे हैं उन पर कार्रवाई की जाएगी। सभी कर्मचारियों की हाजिरी सुबह 10 बजे मांगी जाएगी।
चित्रसेन सिंह, जिला विकास अधिकारी