मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण ने कहा कि गर्भवती महिलाआें को आयरन की
गोलियां, आयोडीन युक्त नमक और पौष्टिक भोजन दें, जिससे बच्चा कुपोषित न
हों। उन्हाेंने कहा कि खानपान में पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने और स्वच्छता
पर विशेष ध्यान देने पर ही कुपोषण से बचा जा सकता है।
सीडीओ
गुरुवार को पंचायत उद्योग केंद्र एवं सहयोगी सेवा संस्थान के तत्वावधान में
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिलरही में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस में
बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि शौच के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए। इससे
बीमारियों से बचाव होगा।
उन्हाेंने दर्जन भर से ज्यादा महिलाआें को
सोयाबीन बरी, 116 किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन और आयोडीन नमक के पैकेट
दिए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कबरई गंगाराम रतमेले ने गर्भवती महिलाआें और
बच्चाें के टीकाकरण के सुझाव दिए। साथ ही संस्थागत प्रसव कराने पर जोर
दिया।
कहा कि बच्चे को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना
चाहिए और इसे छह महीने तक जारी रखना चाहिए, जिससे बच्चे को कुपोषण से बचाया
जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि शासन
द्वारा पोषण मिशन शुरू किया गया है। प्रत्येक गांव में ऐसे आयोजन किए जाने
हैं, जिसका लोग लाभ उठा सकें। कहा कि बिलरही गांव में ज्यादातर महिलाओं की
जांच में खून की कमी पाई गई है।
उन्होंने बथुआ, पालक का सेवन करने
की सलाह दी। एनआरएचएम की डीपीएम ममता अहिरवार ने कहा कि जब महिलाएं गर्भवती
हो जाएं तो इनका पंजीकरण अस्पताल में या एएनएम के पास कराएं। प्रसव सरकारी
अस्पताल में ही कराना चाहिए। इससे उन्हें प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
स्वास्थ्य
शिक्षा अधिकारी कबरई चतुर सिंह ने खुले में शौच न करने और सफाई का विशेष
ध्यान रखने पर जोर दिया। इस मौके पर अनिल सिंह सेंगर, सहयोगी सेवा संस्थान
की अध्यक्ष नेहा चंसौरिया, प्रधान कल्लू यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।