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छह क्रशर स्टोन पर एनजीटी ने 6 करोड़ 41 लाख 80 हजार का ठोंका जुर्माना

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महोबा। दस साल से ज्यादा समय से क्रशर स्टोन प्लांटों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे बिलबई गांव के किसानों को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में जीत मिली है। आठ जून को दिए आदेश में एनजीटी ने जिले के छह क्रेशर स्टोन पर छह करोड़ 41 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माने की रकम से किसानों की बंजर भूमि का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। किसानों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने लड़ी।
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बिलबई गांव में किसानों की जमीन पर वर्ष 2008 में क्रशर स्टोन प्लांट लगने शुरू हुए थे। 2011 तक खेतिहर जमीन पर कई प्लांट लग गए। किसानों ने शासन प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा किसानों को न्याय दिलाने को आगे आईं।
उन्होंने किसानों से बात की और खुद जाकर सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद मई 2019 में एनजीटी में केस दर्ज कराया। पहली सुनवाई 31 मई 2019 को हुई। एनजीटी ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीएम महोबा को आदेश दिया कि एक महीने में बिलबई गांव की क्रशर स्टोन की रिपोर्ट दाखिल करें। पहली रिपोर्ट में प्रशासन ने माना कि क्रशर स्टोन प्लांटों ने पर्यावरणीय नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया, जिससे वहां की कृषि योग्य भूमि मशीनों की धूल से बंजर हो गई। इस पर बिलबई गांव की सभी क्रशर स्टोन मशीनों को सीज कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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इस दौरान कमेटी ने नुकसान की भरपाई का आकलन कर रिपोर्ट एनजीटी में जमा की थी, पर नुकसान की भरपाई की वसूली शुरू नहीं की। रिपोर्ट पर एनजीटी ने पाया कि क्रशर स्टोन मालिकों ने दस साल से ज्यादा समय तक वहां पर्यावरण का हनन किया, जिससे वहां की मिट्टी पत्थरों की महीन धूल जमा होने से बंजर हो गई।
8 जून को एनजीटी ने प्रयागराज ग्रेनाइट (शारदा ग्रेनाइट), पारस ग्रेनाइट, कृष्णा ग्रेनाइट, आरबी एसोसिएट, अरिहंत ग्रेनाइट (शुभम ग्रेनाइट), रवि ग्रेनाइट जिला महोबा पर भारी जुर्माना लगाया और प्रमुख सचिव ने डीएम को जुर्माने की रकम वसूलने के लिए भी आदेश दिए हैं। छह क्रशर स्टोन प्लांटों पर 10 साल तक पर्यावरण का हनन, नियमों का पालन न करने तथा भूमि बंजर करने का दोषी पाने पर छह करोड़ 41 लाख 80 हजार 750 रुपये जुर्माना लगाया। प्रमुख सचिव को आदेश दिए कि जुर्माने की वसूली और किसानों की जमीन की भरपाई जल्द की जाए। मामले में डीएम सत्येंद्र कुमार ने कहा कि क्रशर पहले ही सीज किए जा चुके हैं। पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का पत्र मिल गया है। दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा।
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