समेकित शिक्षा के अंर्तगत बिच्छू पहाड़िया में पांच दिवसीय प्रशिक्षण एक्सीलेरेटेड लर्निग कैम्प का बुधवार को समापन हो गया। समापन अवसर पर मूक बधिर बच्चों को नई तकनीक और रोचक शिक्षा देने के टीचरों को गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामेश्वर पाल ने कहा कि समेकित शिक्षा के अंर्तगत अध्यापक और अध्यापिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। जिससे वह मूकबधिर बच्चों को नई तकनीक से शिक्षा दे सकें। कहा कि नि:शक्त बच्चों को आसानी से टीचरों की भाषा समझ में आ जाए इस पर विशेष जोर दिया गाया है।
उन्होंने कहा कि मूकबधिर बच्चों को सरल शिक्षा दी जाए इस गरज से पांच दिवसीय प्रशिक्षण टीचरों को दिया गया। बीएसए रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि जो बच्चे दृष्टि बाधित, शारीरिक और श्रवण बाधित एवं मानसिक बाधित हैं उनको शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए टीचरों को नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दियागया है।
विशिष्ट शिक्षक राजकुमार, दिनेश चौहान, हीरामनी, सुरेंद्र कुमार प्रजापति ट्रेनर अजय शुक्ला ने नि:शक्त बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण एवं उनके पुर्नवास के बार में जानकारी दी। प्रशिक्षण दौरान चरखारी पनवाड़ी जैतपुर और कबरई ब्लक के टीचर मौजूद रहे।