बारावफात पर्व को लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। शहर में जगह-जगह बांस बल्लियां गाड़कर झालरें और स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं बाजार में हरे झंडों से दुकानें पट गईं हैं। जिनकी जमकर खरीदारी हो रही है। इस पर्व के प्रति मुस्लिम समुदाय के लोगाें में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगाें ने जगह-जगह सजावट का कार्य शुरू कर दिया है। मस्जिदों और घरों में बिजली की आकर्षक सजावट की जा रही है। लोगों ने घरों में हरे रंग के परचम लगाने शुरू कर दिए हैं।
जिससे बाजार में हरे झंडों की बिक्री तेज हो गई है। खनगा चौराहा, ऊदल चौक के अलावा अन्य स्थानों पर हरे झंडे और बैनर बिक रहे हैं। वहीं तमाम लोग घरों में हरे झंडे तैयार कर कढ़ाई कराने में जुटे हुए हैं। चार जनवरी को यौमे पैदाइश को लेकर झंडों की कढ़ाई कराए जाने से कढ़ाई कारीगरों की बल्ले-बल्ले है।
झंडा विक्रेता मोहम्मद सलाम का कहना है कि इस साल बने बनाए झंडाें की मांग ज्यादा है। कढ़ाई वाले झंडे पिछले साल की तुलना में कम पसंद किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली से हरे रंग के परचम लाए गए हैं। लोग हरे रंग के परचम ज्यादा पसंद कर रहे हैं। उधर यौमे पैदाइश को लेकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में खासी चहल पहल बढ़ गई है। लोग सुबह से देर शाम तक बांस बल्लियां गाड़ने और सजावट करने में जुटे हुए हैं।
चांद दिखने के बाद कुरानख्वानी का सिलसिला तेज
बारह रवि उल उव्वल का चांद नजर आने के बाद कुरानख्वानी का सिलसिला तेज हो गया है। लोग घरों, मस्जिदों और प्रतिष्ठानों में कुरानख्वानी के आयोजन करा रहे हैं। प्रतिदिन कुरानख्वानी होने से सुबह नौ बजे से दस बजे तक लोग घरों और मस्जिदों में कुरान पढ़ रहे हैं। एक जनवरी को गौरी मोटर्स में कुरानख्वानी आयोजित की जाएगी। इसके बाद साढ़े ग्यारह बजे फातेहा होगी।