महोबा। जिले में हजरत अली शेर-ए-खुदा की यौम-ए-पैदाइश हर्षोल्लास से मनाई गई। जगह-जगह पंडाल लगाकर शर्बत व मिष्ठान खिलाकर राहगीरों व नागरिकों का मुंह मीठा कराया। वहीं लोगों ने घरों में मिष्ठान पर फातिहा दिलाकर हजरत अली की यौम-ए-पैदाइश मनाई।
शहर के आल्हा चौक के समीप खादिमान-ए-हुसैन कमेटी के सदस्य नौशाद खान, इरफान, शीबू मंसूरी, जहीरउद्दीन, शादाब आदि ने पंडाल लगाकर हजरत अली की यौम-ए- पैदाइश पर राहगीरों को मिष्ठान वितरित किया। इसी तरह हवेली दरवाजा, ऊदल चौक, रोडवेज, पीडब्ल्यूडी के समीप आदि स्थानों पर पंडाल लगाकर यौम-ए-पैदाइश मनाई गई।
हाफिज सुब्हान ने बताया कि हजरत अली ने अमन और शांति का पैगाम दिया और बताया कि इस्लाम इंसानियत का धर्म है। उन्होंने समाज से भेदभाव हटाने की कोशिश की। हजरत अली ने कहा था कि अपने शत्रु से भी प्रेम किया करो तो वह एक दिन तुम्हारा दोस्त बन जाएगा। उनका कहना था कि अत्याचार करने वाला, उसमें सहायता करने वाला और अत्याचार से खुश होने वाला भी अत्याचारी ही है।