महोबा। किशोरी से दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम/ अपर सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दोषी प्रेम कुमार को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
घटना वर्ष 2022 की है। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 15 वर्षीय छोटी बहन को गांव का ही प्रेम कुमार पिछले दो-तीन माह से छेड़छाड़ व अश्लील बातें करके परेशान करता था।
बदनामी के डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई। घटना के तीन से चार दिन पहले प्रेम कुमार ने उसकी बहन को धमकी देकर किसी बहाने से घर बुलाया और दुष्कर्म किया।
इस दौरान अश्लील फोटो भी खीचीं। बाद में फोटो वायरल करने की धमकी दी। इससे उसकी बहन डर गई। पूछने पर 16 फरवरी 2022 को पूरी घटना बताई। उसे समझाया गया कि पुलिस से शिकायत करेंगे लेकिन अगले दिन सुबह उसने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
17 फरवरी को शहर कोतवाली में दुष्कर्म, आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किए। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।