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रुक-रुककर हुई बारिश, अचानक बढ़ी ठिठुरन, दो की मौत

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बारिश के बीच छतरी लेकर निकलते लोग। - फोटो : MAHOBA
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महोबा। गुरुवार भोर बारिश शुरू होने से ठंड बढ़ गई। पूरा दिन ज्यादातर लोग अलाव के आसपास बैठे रहे। ठंड लगने से दो दो महिलाओं की मौत हो गई। 24 घंटे में मिलीमीटर बारिश हुई और अधिकतम तापमान 18 डिग्री व न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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पिछले तीन दिनों से सुबह- शाम ठंड होने के साथ दोपहर में धूप निकल रही थी। बुधवार रात एकाएक मौसम बदल गया। बादल छाने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। गुरुवार को पूरे दिन बारिश होती रही। ठंड होने से ज्यादातर लोग घरों पर ही रहे। जरूरी काम होने पर छतरी लेकर निकले।
ठंड लगने से श्रीनगर थाना क्षेत्र के तिंदौली गांव निवासी दयारानी (75) की बुधवार रात तबियत बिगड़ गई। सीने में दर्द व हाथ-पैर अकड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में दयारानी की मौत हो गई। इसी तरह गांधीनगर निवासी सियादुुलारी (77) की भी ठंड लगने से हालत बिगड़ने गई। परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां मौत हो गई। परिजन शवों को पोस्टमार्टम कराए बगैर घर ले गए।
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अभी तीन दिन छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार नौ जनवरी तक मौसम कुछ इसी तरह बना रहेगा। दिन में बादल छाए रहेंगे। हल्की बारिश होने की संभावना है।
दलहनी और तिलहनी फसलों के फूल झड़ गए
कुलपहाड़/पनवाड़ी। बारिश होने से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। तेज बारिश से फसलों के फूल झड़ रहे हैं, इससे उपज कम होने की आशंका है। गेहूं की फसल को फायदा होगा। अगर ज्यादता बारिश हुई तो नुकसान बढ़ जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद ने बताया कि बुधवार रात से बारिश हो रही है। दिन में बारिश और तेज हो गई। फूल झड़ने से दलहनी और तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। अधिक बारिश होने पर चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी की फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। बारिश से फसलों में माहू लग सकती है। इससे बचाव के लिए किसान कीटनाशक का छिड़काव करते रहें।
क्या बोले किसान
भरवारा निवासी किसान दिनेश राजपूत भरवारा ने बताया कि नौ बीघे में चने की फसल की बुवाई की है। फली आने लगी है। वर्षा से फसल को नुकसान की आशंका है। पहले खाद के लिए परेशान हुए अब ऊपर वाले ने बर्बाद कर दिया। केशव ने बताया कि टमाटर, बैगन, मिर्च में फूल और फल निकलने लगे थे। गुरुवार सुबह देखा तो खेतो में तुसार लग गया है। और बारिश हुई तो बची फसल भी नष्ट हो जाएगी। कुलपहाड़ तहसील के मोहारी गांव के रामरतन पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड में हमेशा सूखे की स्थिति रहती है। बारिश से कुछ फसलों के फायदा है तो कुछ को नुकसान है। गेहूं की फसल में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। सतारी गांव के किसान संदीप पांडेय ने इस वर्ष मटर और गेहूं की फसल बोई है। हल्की बारिश से नुकसान नहीं हैं। अगर तेज बारिश हुई तो नुकसान होगा।
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