अजनर (महोबा)। अजनर क्षेत्र क्षेत्र में छह दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज ग्रामीणों का मंगलवार देर शाम सब्र टूट गया। ग्रामीणों ने गांव आए बिजली विभाग के दो अभियंताओं घेर लिया। कर्मचारियों से अभद्रता करने पर भड़के ग्रामीणों को अभियंताओं और कर्मचारियों को खदेड़ दिया। अफसरों के अजनर थाने पहुंचने पर आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के लोगों ने थाने का घेराव कर लिया। नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां चटकाना शुरू कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने किसी तरह डेढ़ घंटे बाद स्थिति पर काबू पाया। पथराव में थाना परिसर व बाहर खड़ी एक दर्जन दो और तीन चार पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
28 मई को आई आंधी से अजनर समेत 30 गांवों में बिजली के खंभे और तार टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। छह दिन गुजरने के बाद अभी तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। देर शाम करीब साढ़े सात बजे बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता विकास श्रीवास्तव और अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार टीम के साथ अजनर गांव पहुंचे और बिजली लाइन ठीक कराने का काम शुरू कराया। इसी बीच सेवानिवृत्त फौजी सुरेंद्र त्रिपाठी और कुछ ग्रामीण अफसरों से छह दिन तक बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर बहस करने लगे। सुरेंद्र ने बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप लगा हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और अफसरों को वहां से खदेड़ दिया।
ग्रामीणों का गुस्सा देख अभियंताओं व कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर अपनी जान बचाई। थोड़ी देर बाद कई गांवों के लोग थाने पहुंच गए और अभियंताओं व कर्मचारियों को बाहर निकालने की मांग करने लगे। पुलिस के अनसुना करने पर ग्रामीणों ने थाने घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। जब नहीं मानें तो पुलिस ने कुछ ग्रामीणों पर लाठियां चला दीं। कई ग्रामीणों के चुटहिल होने पर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी भीड़ पर पत्थर चलाए। इससे अफरा-तफरी मच गई। मामला बढ़ता देख कुलपहाड़ और बेलाताल थाने का भी फोर्स बुला लिया गया। तब रात करीब नौ बजे पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़कर मामला शांत कराया। थाना प्रभारी के मुताबिक बिजली विभाग के अफसरों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।