महोबा। कोतवाली क्षेत्र के दमौरा गांव के पास घुटवई मौजा में लघु सिंचाई विभाग की तरफ कराए जा रहे कूप निर्माण के दौरान कुएं की मिट्टी धसकने से काम कर रहे सात श्रमिक मलबे में दब गए। पुलिस और प्रशासन ने दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे श्रमिकों को बाहर निकाला। तब तक मलबे में दबकर दो सगे भाइयों की मौत हो गई। चार अन्य घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मृतक व घायल एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। हादसा मंगलवार को हुआ।
दमौरा गांव निवासी रामनरेश खंगार के खेत मौजा घुटवई में है। उनके खेत में लघु सिंचाई विभाग कुएं की खुदाई करा रहा है। खुदाई का ठेका कोतवाली क्षेत्र के पसवारा गांव निवासी गनपत ले रखा है। 15 फिट गहरे हो चुके कुएं में मंगलवार को खुदाई का काम चल रहा था। इसमें गनपत (45) उसके तीन पुत्र रामपाल (25), रतिराम उर्फ लल्लू (22), महेंद्र (20), रिश्तेदार रामप्रकाश (24) और दामाद आशाराम (30) व रामसिंह (28) काम कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे काम करते समय अचानक कुएं के ऊपर के हिस्से की मिट्टी धसक गई। इससे एक ही परिवार के सात श्रमिक मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई।
एएसपी वीरेंद्र कुमार, एसडीएम सदर राजेश कुमार यादव, सीओ सदर जटाशंकर राव, सीओ चरखारी दिनेश कुमार, कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने फोर्स के साथ वहां पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे श्रमिकों को एक-एक कर बाहर निकाला गया। दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सभी श्रमिकों को बाहर निकाला गया। तब तक रतिराम उर्फ लल्लू व उसके भाई महेंद्र की मौत हो गई। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।