महोबा। जिले में गुरुवार शाम चार बजे आई तेज आंधी ने तबाही मचा दी है। जिलेभर में अलग-अलग मार्गों पर 40 से ज्यादा पेड़ टूटकर गिरने से घंटों यातायात व्यवस्था ठप रही। बाद में पेड़ काटकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई गई। कहीं पर एचटी लाइन में पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूट गए, तो कहीं पर खंभे उखड़ गए। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। तेज आंधी की चपेट में आने से बेलासागर में सिंघाड़ी लगा रहे एक श्रमिक की नाव पलट गई। इससे तालाब में डूबकर नाविक की मौत हो गई।
भटीपुरा में बिजली सब स्टेशन पठा फीडर के खंभे टूट जाने से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पनवाड़ी में हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। इससे पनवाड़ी समेत देवगनपुरा, मसूदपुरा समेत कई गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर डॉ. रामप्रकाश पांडेय ने बताया कि उनकी कार्यालय के बाहर खड़ी सरकारी गाड़ी पेड़ गिरने से गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। बाजार और आल्हा चौक की कई दुकानों के टिन-टप्पर और बोर्ड उड़ गए। बजरिया सब स्टेशन से निकली मैन लाइन के तार कई जगह से टूट जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विभाग की टीम बिजली लाइन सही करने में जुट गई हैं।
आंधी की चपेट में आने से बेलाताल निवासी दुलीचंद्र की नाव तालाब में पलटकर डूब गई। इससे दुलीचंद्र की मौत हो गई। महोबा-राठ मार्ग पर लाड़पुर के पास और रैपुरा के पास दो बड़े-बड़े पेड़ हाईवे पर टूटकर गिरने से एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। बाद में वन विभाग के कर्मियों ने पेड़ काटकर आवागमन शुरू कराया। अजनर-नौगांव रोड, महोबा-छतरपुर रोड, महोबा-लवकुशनगर रोड और महोबा-मुस्करा रोड पर करीब 40 टूटकर गिर गए। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
श्रीनगर (महोबा)। आंधी के चलते श्रीनगर फीडर धड़ाम हो जाने से श्रीनगर क्षेत्र के तिंदौली, बरा, भंडरा, ज्योरइया, सिजरिया, डिगरिया, सिजवाहा, बिलखी, पवा, मुरैनी, बिलरही, पलका, बसौरा, सिजहरी सहित 50 से ज्यादा गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे सभी गांव अंधेेरे में डूबे रहे। बिजली न आने से उर्मिल फीडर भी प्रभावित रहा। इससे शहर में पेयजल आपूर्ति चरमरा गई। पानी के लिए लोग खासा परेशान रहे। बिजली ठप हो जाने से लोगों को अंधेर में रात गुजारनी पड़ी।