पनवाड़ी (महोबा)। लॉकडाउन के चलते रोजी-रोटी छिन जाने के बाद कर्ज लेकर गांव आए श्रमिक नरेंद्र राजपूत (28) ने काम न मिलने पर बुधवार की रात तौलिया से फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह परिजनों को घटना का पता चला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। घटना थाना पनवाड़ी के मसूदपूरा गांव की है।
गांव निवासी भगीरथ राजपूत का बेटा नरेंद्र कई सालों से नोएडा में रहकर मजदूरी करता था। लॉकडाउन के चलते उसका काम बंद हो गया। एक माह तक लॉकडाउन खुलने की उम्मीद में वह नोएडा में रहा। लॉकडाउन की मियाद बढ़ती चली गई। इस पर वह 26 अप्रैल को एक व्यक्ति से कर्ज लेकर किसी तरह गांव आ गया। गांव में भी तीन बीघा जमीन होने के कारण परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा था। इससे नरेंद्र परेशान हो गया।
परिजनों ने बताया कि बुधवार की रात नरेंद्र रविवार के साथ कमरे में लेट गया। बच्चों और पत्नी के सो जाने पर उसने रात में दूसरे कमरे में जाकर फांसी लगा ली। सुबह पत्नी अंगूरी की नींद खुली। वह दूसरे कमरे में गई और पति को फंदे पर लटकता देख चीख पड़ी। परिवार और आसपास के लोग भी कमरे में आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। अंगूरी का कहना है कि पति नोएडा में मजदूरी करते थे। गांव में काम न मिलने से दो माह से बहुत परेशान थे। साथ ही तनाव में रहते थे। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।