महोबा। काजी-ए-शहर सैय्यद आफाक हुसैन ने अपील कि है कि सभी लोग अपने-अपने घरों में लॉकडाउन का पालन करके इबादत और तिलावत करें। घरों पर नमाज अदा करें। उन्होंने बताया कि मजबूरी में घरों में नमाज पढ़ने पर मस्जिदों में पढ़ने के बराबर सवाब मिलता है। इसी तरह लॉकडाउन के दौरान घरों पर जोहर की नमाज पढ़ने पर जुमे की नमाज का सवाब मिलता है।
उन्होंने बताया कि हुकूमत की जायज मांगों पर अमल करन प्रत्येक इंसान की जिम्मेदारी है। रमजान-उल-मुबारक माह की बढ़ी फजीलत हैं। प्रत्येक इंसार पर रोजा फर्ज किया गया है। मुकद्दस माह रमजान में एक रोजा रखने पर 70 रोजों का और एक नेकी करने पर 70 नेकियों का सवाब मिलता है। उन्होंने बताया कि रमजान का पहला असरा रहमतों का असरा है। अल्लाह तआला की रहमतों से इंस
ान न उम्मीद न हो। अल्लाह की रहमत हर जगह बरसती है। माह रमजान में कुरान शरीफ नाजिल हुआ। यह माह रहमतों और बरकतों से भरा हुआ है।