महोबा। महानगरों से श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। 24 घंटे में 40 श्रमिकों ने जिले में दस्तक दी है। 24 श्रमिकों को जांच के बाद कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में क्वारंटीन कराया गया। वहीं, प्रशासन की सख्ती के चलते 16 श्रमिक कच्चे रास्तों से घरों की तरफ चले गए। वाहनों और पैदल चलकर किसी तरह श्रमिक महोबा तक आ सके।
विभिन्न प्रांतों में श्रमिक दूसरे लॉकडाउन के बाद खानपान की व्यवस्था न देख घरों की तरफ भागने लगे हैं। शुक्रवार को मुंबई से आए 24 श्रमिकों को प्रशासन ने भोजन कराने के बाद उन्हें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में क्वारंटीन कराया। वहां पर उनकी देखरेख की जा रही है। इन श्रमिकों को सिद्घार्थनगर और बहराइच जाना है। प्रशासन ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश देते हुए सभी को क्वारंटीन केंद्र भेज दिया है। 14 दिन की अवधि पूरी करने के बाद इन्हें घरों के लिए भेजा जाएगा।
अजनर के अनुसार बदरपुर दिल्ली से मजदूरी करने वाले 16 श्रमिक 300 किलोमीटर पैदल व ट्रकों से सफर तय करके किसी तरह महोबा तक पहुं्चे। इनकी हालत देख जिले के अजनर ग्राम के पास समाजसेवी सुरेश पाठक ने सभी को भोजन कराया। इसके बाद सभी लोग पटरी के रास्ते बांदा की तरफ निकल गए। राजकुमार, दीपक, रामहेत, श्यामबाबू, अनिल कुमार ने बताया कि सभी लोगों को बांदा जाना है।